डीग: बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से 85% फसल खराब, गिरदावरी के निर्देश
जिला कलेक्टर के निर्देश पर तहसीलदार ने प्रभावित गांवों का दौरा कर फसल नुकसान का जायजा लिया, पटवारियों को तत्काल गिरदावरी रिपोर्ट तैयार करने के आदेश।

डीग जिले के प्रभावित गांवों में ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसलों का निरीक्षण करतीं तहसीलदार जुगिता मीणा और उपस्थित पीड़ित किसान।
डीग जिले में शुक्रवार की शाम हुई बे मौसम तेज बरसात और ओलावृष्टि ने किसानों की फसल को चौपट कर दिया है। सांवई, खेड़ा, कठेरा, कोरेर, घरवारी व सिनसिनी सहित दर्जनों गांवों में बारिश व ओलावृष्टि हुई है जिससे खेतों में पकी खड़ी करीब 80 से 85 प्रतिशत फसल चौपट हो गयी है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने लिया नुकसान का जायजा
डीग जिला कलेक्टर मयंक मनीष के निर्देश पर तहसीलदार जुगिता मीणा ने फ़सल खराबे के क्षेत्रों में जाकर नष्ट हुई फसलों का मौका मुआयना किया और पटवारियों को नष्ट हुई फ़सल की गिरदावरी के मौके पर ही निर्देश दिए। तहसीलदार जुगिता मीणा ने बताया कि क्षेत्र में ओलावृष्टि व तेज बरसात से फसलों में काफी नुकसान है जिसकी जांच की जा रही है और पटवारियों को गिरदावरी के निर्देश दिए गए हैं तथा शीघ्र ही सरकार तक यह रिपोर्ट जिला कलेक्टर के माध्यम से भेज दी जाएगी।
किसानों का दर्द और मुआवजे की मांग
इधर तहसीलदार के पहुँचने पर किसान भावुक हो गए और रोते हुए अपना दुःख जाहिर करते हुए देखे गए किसान ने नष्ट हुई फ़सल के मुआवजे की मांग की। किसानों का कहना है कि बारिश व ओला वृष्टि से फसलों में 80 से 85% नुकसान हुआ है। वहीं किसानों ने बताया कि है कि विगत 3 वर्ष से फसल खराबे का मुआवजा उन्हें नहीं मिला है। वहीं किसानों कहना है मुख्यमंत्री गृह जिले के निवासी और एक किसान के बेटे हैं वह हमारा दुःख अच्छी तरह समझते हैं और नष्ट हुई फसल के शीघ्र मुआवजा दिलाने की मांग की है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
