डीग में ओलावृष्टि से फसल नुकसान, किसानों ने मुआवजे की मांग
कटहरा चौथ, सामई और कसौट गांवों में गेहूं, सरसों और चना की फसल बर्बाद, प्रतिनिधि मंडल ने गिरदावरी और राहत की मांग उठाई

डीग जिले में गुरुवार रात हुई ओलावृष्टि ने कई स्थानों पर खेतों में खड़ी और कटी हुई फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे किसान वर्ग अति दुखी होकर व्यथित हो गया है। प्राकृतिक प्रकोप की इस मार ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है और ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न कर दी है।
जिला कांग्रेस कमेटी डीग के अध्यक्ष राजीव चौधरी ने आज एक प्रतिनिधि मंडल के साथ ग्राम कटहरा चौथ, सामई, कसौट इत्यादि गांवों का दौरा किया। उन्होंने खेतों में जाकर खराब हुई फसलों का जायजा लिया और संबंधित किसानों से मौके पर पूरी जानकारी हासिल की। इस दौरान उन्होंने इसे एक संवेदनशील और प्राकृतिक प्रकोप का मामला बताते हुए, विगत वर्षों की भांति इस बार भी जिला कलेक्टर को खराब हुई फसलों की गिरदावरी कराकर उचित मुआवजा देने की प्रक्रिया अभिलंब आरंभ करने की मांग की।
मौके पर स्पष्ट किया गया कि गेहूं, सरसों, चना इत्यादि की तैयार फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। किसानों ने बताया कि उन्होंने महंगे दामों पर खाद और बीज खरीदे, खेतों की बुवाई और जुताई में अत्यधिक खर्च किया, पूरे साल परिवार के समस्तजन फसल की तैयारी में लगे रहे और महंगी दवाइयों का भी छिड़काव किया। इसके बावजूद अब उन्हें उपज के दाम लागत के अनुरूप नहीं मिलते, जिससे लागत भी पूरी नहीं हो पाती। ऐसे में ओलावृष्टि ने भयंकर नुकसान पहुंचाया है।
किसानों ने यह भी कहा कि खेती के उपकरणों पर जीएसटी और अन्य करों का कोई प्रत्यक्ष लाभ उन्हें नहीं मिल रहा है। डीग जिले में किसानों के लिए रवि की फसल ही मुख्य आमदनी का साधन है और उनकी आर्थिक स्थिति इसी पर निर्भर करती है। इस प्राकृतिक ओलावृष्टि प्रकोप के कारण ग्रामीणों में भूखमरी जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि सरकार द्वारा मनरेगा के काम नहीं चलाए जा रहे हैं और अमेरिका तथा ईरान युद्ध की वजह से बड़े शहरों में भी मजदूरों का पालन हो रहा है। इन विषम परिस्थितियों में जिला प्रशासन से पारदर्शी एवं संवेदनशील गिरदावरी कराकर तुरंत राहत पहुंचाने की मांग की गई है।
इस अवसर पर प्रेम सिंह प्रजापत, महासचिव पर्यावरण प्रकोष्ठ, राजीव गांधी बिग्रेड के महासचिव राजकुमार कटहरा, दीपू वहज, तथा कटहरा ग्रामवासी यदुवीर सिंह, रामकुमार, छत्रपाल पण्डित, हभीर सिंह, पदम सिंह, टिल्लू, बीरबल, होशियार सिंह, महिपाल, चंद्रवीर, रतिराम, धर्मपाल इत्यादि खेतों पर साथ में उपस्थित रहे।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
