डीग: ग्राम रथ अभियान के तहत मनौता कलां में संध्या चौपाल, कलेक्टर ने सुनी समस्याएं
जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने ग्राम पंचायत मनौता कलां में विकास रथ का अवलोकन किया और संपर्क पोर्टल की लंबित शिकायतों का मौके पर निस्तारण करने के निर्देश दिए।

डीग जिले की मनौता कलां ग्राम पंचायत में आयोजित संध्या चौपाल के दौरान ग्राम रथ का अवलोकन करते जिला कलेक्टर मयंक मनीष एवं अन्य अधिकारी।
डीग, 01 मई। राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम छोर तक पहुँचाने के संकल्प के साथ डीग जिले में संचालित 'ग्राम रथ अभियान' के अंतर्गत शुक्रवार को नगर क्षेत्र की ग्राम पंचायत मनौता कलां में भव्य संध्या चौपाल का आयोजन संपन्न हुआ। इस विशेष अवसर पर जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने स्वयं चौपाल में शिरकत कर विकास रथ का सूक्ष्म अवलोकन किया और वहां संचालित समस्त व्यवस्थाओं का जायजा लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
चौपाल का मुख्य आकर्षण सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के कला जत्थे द्वारा दी गई सांस्कृतिक प्रस्तुति रही। जिला कलेक्टर ने योजनाओं का जमीनी स्तर पर प्रभावी प्रचार-प्रसार कर रहे कलाकारों से आत्मीय संवाद स्थापित किया और उनकी कार्यशैली के बारे में जानकारी ली। कलाकारों ने अत्यंत उत्साह के साथ मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की कल्याणकारी नीतियों और सुशासन की अवधारणा पर आधारित एक सुमधुर एवं प्रेरणादायक गीत प्रस्तुत किया। इस कलात्मक प्रस्तुति ने न केवल अधिकारियों को प्रभावित किया, बल्कि वहां मौजूद ग्रामीणों का भी मन मोह लिया, जिससे सरकारी योजनाओं के प्रति एक सकारात्मक वातावरण निर्मित हुआ।
प्रशासनिक सुदृढ़ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने चौपाल में उपस्थित विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देशित किया कि सुशासन और समस्याओं का त्वरित समाधान ही प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्राम रथ के भ्रमण के दौरान राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज सभी लंबित प्रकरणों को अनिवार्य रूप से साथ रखा जाए और इन समस्याओं का संध्या चौपाल अथवा रथ के ठहराव स्थलों पर ही आमजन की मौजूदगी में 'ऑन-स्पॉट' निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने जोर देकर कहा कि ग्रामीणों को अपनी जायज समस्याओं के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही राहत मिले।
विशेष रूप से बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए जिला कलेक्टर ने पेयजल और विद्युत आपूर्ति की स्थिति को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को पाबंद किया कि ग्राम रथ के ठहराव वाले समस्त गांवों में बिजली संबंधी शिकायतों का तत्काल समाधान हो। विशेषकर विद्युत लाइनों के ढीले तार, खराब ट्रांसफार्मर अथवा किसी भी प्रकार के तकनीकी फॉल्ट को बिना किसी विलंब के दुरुस्त किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्र में सुचारू और सुरक्षित बिजली आपूर्ति बनी रहे। यह अभियान न केवल सूचना के प्रसार का माध्यम बना, बल्कि ग्रामीण विकास की दिशा में प्रशासन और जनता के बीच सीधा सेतु स्थापित करने में भी सफल रहा।

