डीग: कुम्हेर कृषि विज्ञान केंद्र में जिला स्तरीय ग्राम कृषि महोत्सव आयोजित
महोत्सव में भरतपुर और डीग जिले के 575 प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया, जहां कृषि क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाले नवाचारी कृषकों को सम्मानित किया गया।

डीग जिले के कुम्हेर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित जिला स्तरीय ग्राम कृषि महोत्सव के दौरान प्रगतिशील और नवाचारी कृषकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित करते अतिथिगण।
डीग, 18 मई। जिले के कृषि विज्ञान केंद्र कुम्हेर, भरतपुर में सोमवार को एक दिवसीय जिला स्तरीय “ग्राम कृषि महोत्सव” का भव्य एवं अत्यंत सफल आयोजन किया गया। कृषि के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने के उद्देश्य से आयोजित इस महोत्सव में भरतपुर और डीग जिले के 575 प्रगतिशील किसानों एवं कृषक महिलाओं ने भारी उत्साह के साथ भाग लिया। उल्लेखनीय है कि कृषि विज्ञान केंद्र कुम्हेर द्वारा 1 से 21 मई तक भरतपुर एवं डीग जिले के विभिन्न चयनित गांवों में इस विशेष महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जो क्षेत्र के कृषि परिदृश्य को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
इस वृहद कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कृषकों को उन्नत किस्म के बीज, नवीनतम कृषि तकनीक, मृदा स्वास्थ्य एवं जल संरक्षण के उपाय, संतुलित उर्वरक उपयोग, गौ आधारित प्राकृतिक खेती, अत्याधुनिक कृषि उपकरण, ड्रोन तकनीकी तथा सरकार द्वारा संचालित विभिन्न अनुदानित योजनाओं की विस्तृत एवं प्रमाणिक जानकारी प्रदान करना रहा। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि अतिरिक्त निदेशक देशराज सिंह उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण निदेशक डॉ. के.सी. शर्मा ने की।
कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. नवाब सिंह ने कार्यक्रम की रूपरेखा और इसके दूरगामी प्रभावों पर प्रकाश डाला। इस गौरवमयी अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में उद्यान भरतपुर खंड के संयुक्त निदेशक योगेश कुमार शर्मा, कृषि महाविद्यालय कुम्हेर के अधिष्ठाता डॉ. आर.के. मीणा, भारतीय सरसों अनुसंधान संस्थान (सेवर, भरतपुर) के डॉ. एम.एल. दोतानिया, इफको भरतपुर के क्षेत्रीय प्रबंधक श्याम सुंदर तथा कृषि अनुसंधान उपकेंद्र कुम्हेर के प्रभारी अधिकारी डॉ. रामफूल पूनिया गरिमामयी रूप से उपस्थित रहे।
ग्राम कृषि महोत्सव के अंतर्गत प्रगतिशील किसानों तथा इफको भरतपुर द्वारा विभिन्न आकर्षक कृषि प्रदर्शनियां लगाई गईं। महोत्सव में किसानों द्वारा जैविक उत्पादों, उनसे निर्मित मूल्य संवर्धित खाद्य पदार्थों, ट्यूबवेल रिचार्ज तकनीक, शहद निष्कासन तकनीक, उन्नत बीज तथा आधुनिक कृषि उपकरणों का सजीव प्रदर्शन किया गया, जो पूरे कार्यक्रम में मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। इस अवसर पर किसानों के ज्ञानवर्धन हेतु कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा तैयार किए गए विभिन्न तकनीकी फोल्डरों का विमोचन भी अतिथियों द्वारा किया गया।
कृषि क्षेत्र में अनुकरणीय एवं सराहनीय कार्य करने वाले नवाचारी कृषक कमल मीणा (जैविक खेती), श्रीमती पुष्पा (जैविक मूल्य संवर्धित उत्पाद), हरभान सिंह (एफपीओ रूपवास), रामभरोसी (जैविक खेती), हरिराम, शिव सिंह तथा श्रीमती रुक्मणि को मंच से प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का अत्यंत सफल संचालन केंद्र की वैज्ञानिक डॉ. प्रियंका जोशी ने किया। महोत्सव को पूरी तरह सफल बनाने में केंद्र के समर्पित कर्मचारी सीमा यादव, ममता कुमारी तंवर, रोहित टेपन, सी.एल. शर्मा, गोविंदा एवं पुष्कर ने अपना विशेष और अनुकरणीय योगदान दिया। यह महोत्सव क्षेत्र के किसानों को आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से समृद्ध बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।

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