डीग, 09 जनवरी। भरतपुर की संभागीय आयुक्त श्रीमती नलिनी कठोतिया ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि जनहित की योजनाओं में किसी भी प्रकार की कोताही या देरी अब स्वीकार नहीं की जाएगी। गुरुवार को डीग के पंचायत समिति सभागार में आयोजित एक उच्च स्तरीय मैराथन समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने जिला स्तरीय अधिकारियों को दो-टूक कहा कि गुड गवर्नेंस की राह में 'पेंडेंसी' के लिए कोई स्थान नहीं है और अधिकारी अब केवल परिणामों पर ध्यान केंद्रित करें। जिला कलेक्टर उत्सव कौशल की उपस्थिति में हुई इस बैठक में संभागीय आयुक्त ने राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति को अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचाने का रोडमैप तैयार किया।

बैठक की शुरुआत में ही मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृतियां मिलने के बाद यदि धरातल पर कार्य शुरू नहीं हुआ है, तो इसके लिए कोई भी तर्क या बहाना मान्य नहीं होगा। उन्होंने विशेष रूप से कृषि विभाग और वन विभाग को निर्देशित किया कि वे स्वीकृत कार्यों को तत्काल पूर्ण करें, वहीं उद्यानिकी विभाग को भौतिक रूप से सत्यापित कार्यों की जियो-टैगिंग और ऑनलाइन प्रविष्टि में गति लाने को कहा। पेयजल के मुद्दे पर जिला कलेक्टर उत्सव कौशल ने कड़ा रुख अपनाते हुए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को फील्ड में सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पाइपलाइन लीकेज के कारण पानी का व्यर्थ बहना गंभीर लापरवाही है, जिसे तुरंत ठीक कर जल संरक्षण सुनिश्चित किया जाए।

स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान संभागीय आयुक्त ने टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के प्रति अपनी चिंता व्यक्त की। नगर ब्लॉक के निराशाजनक प्रदर्शन पर उन्होंने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए सुधार की समय-सीमा तय की। हालांकि, जिला कलेक्टर ने इस दौरान एक सकारात्मक पहलू साझा किया कि जिले में प्रशासनिक अधिकारी और आमजन 'निक्षय मित्र' बनकर टीबी रोगियों को संबल प्रदान कर रहे हैं। बढ़ती सर्दी को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को बच्चों और बुजुर्गों के बचाव हेतु विस्तृत स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी करने के लिए पाबंद किया गया।

सामाजिक सुरक्षा के मोर्चे पर श्रीमती कठोतिया ने आंकड़ों का गहन विश्लेषण किया। उन्होंने पेंशन वार्षिक सत्यापन के प्रतिशत में हुई वृद्धि को सराहा, लेकिन इसे शत-प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने निर्देश दिए कि पेंशन वेरिफिकेशन के लंबित 208 प्रकरणों और 100 शेष स्वीकृतियों को मिशन मोड पर पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना और पालनहार योजना में आक्षेप वाले प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश देते हुए उन्होंने सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे। पशुपालन विभाग को गौवंश की सुरक्षा के लिए गौशालाओं का नियमित निरीक्षण करने और टीकाकरण अभियान को गति देने के निर्देश दिए गए।

बैठक के समापन पर राजस्थान संपर्क पोर्टल की समीक्षा की गई, जहाँ संभागीय आयुक्त ने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों पर नहीं, बल्कि परिवादी की संतुष्टि के आधार पर होना चाहिए। इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजकुमार कस्वां, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद मोहन सिंह और उपखंड अधिकारी डीग सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। यह बैठक जिले में प्रशासनिक तत्परता और जवाबदेही तय करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

Pratahkal Bureau

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