डीग: जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा बैठक ली
जिला कलेक्टर ने संस्थागत प्रसव बढ़ाने और मौसमी बीमारियों की रोकथाम हेतु चिकित्सा अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए।

डीग पंचायत समिति सभागार में बुधवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक के दौरान उपस्थित अधिकारीगण और चिकित्सा प्रभारी।
डीग, 22 अप्रैल। जिले में आमजन को सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को पंचायत समिति सभागार डीग में जिला कलेक्टर मयंक मनीष की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक के आरंभ में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय सिंघल ने जिला कलेक्टर को पौधा भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद सीएमएचओ ने जिले के सभी बीसीएमओ और चिकित्सालय प्रभारियों का परिचय कराते हुए वर्तमान चिकित्सा व्यवस्थाओं का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया।
समीक्षा के दौरान जिला कलेक्टर ने विगत औचक निरीक्षणों में पाई गई कमियों का उल्लेख करते हुए सभी चिकित्सा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के अस्पतालों का नियमित एवं सघन निरीक्षण करने के निर्देश दिए, ताकि व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार सुनिश्चित किया जा सके। जिले में संस्थागत प्रसव के आंकड़ों में कमी पर उन्होंने असंतोष व्यक्त किया और लाडो प्रोत्साहन योजना तथा सामान्य प्रसव के निर्धारित लक्ष्यों को आगामी डीएचएस बैठक तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। हालांकि शिशु एवं गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में जिले के प्रदर्शन को संतोषजनक बताया।
बैठक में मौसमी बीमारियों की रोकथाम पर विस्तृत चर्चा हुई। वर्तमान में जिले में मौसमी बीमारियों से कोई जनहानि नहीं होने की जानकारी दी गई। आगामी ग्रीष्म ऋतु और हीटवेव की आशंका को देखते हुए कलेक्टर ने चिकित्सालयों में आवश्यक तैयारियां और जीवन रक्षक प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। खाद्य विषाक्तता की रोकथाम के लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारी को अधिकाधिक सैंपल लेने तथा मिलावटखोरों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा में बताया गया कि आंगनबाड़ी केंद्रों और मदरसों में बच्चों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग कर उपचार किया जा रहा है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अगले डीएचएस में उपचारित बच्चों की विस्तृत सूची प्रस्तुत की जाए। इसके साथ ही टीबी मुक्त भारत अभियान और परिवार कल्याण कार्यक्रमों, जिनमें महिला नसबंदी, पीपीआईयूसीडी तथा गर्भनिरोधक गोलियों का वितरण शामिल है, की भी समीक्षा की गई।
बैठक में पीएम-अभिम योजना के तहत चल रहे बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जुरहरा चिकित्सालय प्रभारी ने अवगत कराया कि अस्पताल भवन जर्जर स्थिति में है और नए भवन के लिए भूमि आवंटन नहीं हुआ है, जिसके कारण समीपस्थ नाले का दूषित जल अस्पताल परिसर में प्रवेश कर रहा है। इस पर जिला कलेक्टर ने तत्काल संज्ञान लेते हुए उपखंड अधिकारी कामां को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर स्थायी समाधान के निर्देश दिए।
बैठक के अंत में सीएमएचओ डॉ. सिंघल ने जिले में उपलब्ध चिकित्सा संसाधनों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में कुल 22 एंबुलेंस संचालित हैं, जिनमें 4 ममता एक्सप्रेस, 5 एएलएस और 13 बीएलएस एंबुलेंस शामिल हैं। इसके अलावा डीग, कुम्हेर, रारह, कामां, पहाड़ी और नगर चिकित्सालयों में कुल 6 सोनोग्राफी मशीनें कार्यरत हैं तथा डायलिसिस सुविधा के लिए डीग, कुम्हेर, रारह, कामां और पहाड़ी में कुल 10 हीमोडायलिसिस मशीनें उपलब्ध हैं। यह बैठक जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने और व्यवस्थागत सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Pratahkal Bureau
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