परीक्षा सांख्यिकी और केंद्र विवरण

  • जिला शिक्षा अधिकारी प्राथमिक बलवीर सिंह बताया कि डीग जिले में कुल 200 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित हो रही है जहाँ कुल 25974 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं !

समय सारिणी और विशेष रियायत

डीओ बलवीर सिंह बताया कि परीक्षा का समय दोपहर 1.30 बजे से शाम 4 बजे तक है। मूक बधिर बच्चों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है:

  • "मूक बधिर बच्चों के लिए परीक्षा समय में शिथिलता देते हुए 50 मिनट का अतिरिक्त समय दिया गया है जहां परीक्षा के निर्धारित समय शाम 4:50 तक वह परीक्षा दे सकेंगे !"

निगरानी एवं प्रबंधन

हालांकि पहले दिन की परीक्षा में छोटे बच्चे कुछ देरी से भी परीक्षा केन्द्र पर पहुँचे। परीक्षा के सफल और शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए उड़नदस्ता गठित कर परीक्षाओं पर निगरानी रखी जा रही है !

Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

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