डीग: धधकते सिलेंडरों के बीच देवदूत बने कांस्टेबल रामवीर, सूझबूझ से टाला बड़ा हादसा; एसपी ने किया सम्मानित
डीग जिले के पूछरी में गोवर्धन परिक्रमा मार्ग पर भंडारे के दौरान गैस सिलेंडरों में लगी भीषण आग। कांस्टेबल रामवीर सिंह ने अपनी जान जोखिम में डालकर बुझाई आग, टाला बड़ा हादसा। अदम्य साहस के लिए जिला पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश मीणा ने रामवीर सिंह को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार से किया सम्मानित। पढ़ें पूरी खबर।

डीग। राजस्थान के डीग जिले में आस्था के केंद्र गोवर्धन परिक्रमा मार्ग पर सोमवार को उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब एक भंडारे के दौरान दो गैस सिलेंडरों ने अचानक आग पकड़ ली। आग की लपटें इतनी विकराल थीं कि श्रद्धालुओं के बीच भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई, लेकिन इस संकट की घड़ी में खाकी का एक जांबाज सिपाही 'देवदूत' बनकर सामने आया। कांस्टेबल रामवीर सिंह ने अपनी जान की परवाह न करते हुए न केवल आग पर काबू पाया, बल्कि एक बड़े विस्फोट को रोककर सैकड़ों श्रद्धालुओं की जान बचा ली। उनके इस अदम्य साहस के लिए जिला पुलिस अधीक्षक ने उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया है।
घटनाक्रम के अनुसार, 5 जनवरी को डीग जिले के गांव पूछरी स्थित लोठा क्षेत्र में गोवर्धन की सप्तकोशीय परिक्रमा मार्ग पर एक भंडारे का आयोजन किया जा रहा था। श्रद्धालुओं के लिए पकवान तैयार किए जा रहे थे, तभी अचानक रसोई में रखे दो गैस सिलेंडरों ने आग पकड़ ली। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और परिक्रमा मार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल व्याप्त हो गया। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
इसी बीच वहां तैनात कांस्टेबल रामवीर सिंह ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए अदम्य साहस का परिचय दिया। उन्होंने बिना समय गंवाए वहां पास में खड़ी गाड़ियों से अग्निशमन यंत्र (अग्नि यंत्र) निकाले और धधकती लपटों के बीच पहुंच गए। अपनी सूझबूझ और त्वरित निर्णय क्षमता का उपयोग करते हुए रामवीर सिंह ने कुछ ही मिनटों में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। यदि समय रहते सिलेंडरों की आग को नियंत्रित नहीं किया जाता, तो बड़ा धमाका हो सकता था, जिससे जान-माल का भारी नुकसान होना तय था।
कांस्टेबल रामवीर सिंह द्वारा प्रदर्शित किए गए इस सराहनीय कार्य और बहादुरी की चर्चा पूरे जिले में फैल गई। उनकी इस कर्तव्यनिष्ठा का संज्ञान लेते हुए सोमवार को जिला पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश मीणा ने उन्हें अपने कार्यालय बुलाया। एसपी मीणा ने कांस्टेबल रामवीर सिंह के साहस की प्रशंसा करते हुए उन्हें प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार से सम्मानित किया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि रामवीर सिंह जैसे सजग प्रहरी पुलिस विभाग का गौरव हैं, जिनकी सतर्कता ने एक बड़े हादसे को टाल दिया। यह सम्मान न केवल एक कांस्टेबल का है, बल्कि उस जज्बे का है जो जनसेवा के लिए सदैव तत्पर रहता है।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
