डीग में रसोई गैस कीमतों में वृद्धि के खिलाफ जिला कांग्रेस का प्रदर्शन
जिला अध्यक्ष राजीव सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ईंधन संकट, महंगाई और केंद्र की विदेश नीति के विरोध में लक्ष्मण मंदिर पर धरना दिया।

डीग के लक्ष्मण मंदिर के नीचे शुक्रवार को रसोई गैस के बढ़ते दामों और कमर्शियल सिलेंडर की किल्लत के विरोध में प्रदर्शन करते जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता।
डीग, 13 मार्च। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार जिला कांग्रेस कमेटी डीग के अध्यक्ष राजीव सिंह के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा रसोई गैस के दाम बढ़ाने और सामाजिक कार्यक्रमों हेतु कॉमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध कराने में विफल रहने के विरोध में शुक्रवार को लक्ष्मण मंदिर के नीचे विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि वर्तमान में इजरायल, अमेरिका और ईरान के मध्य हो रहे युद्ध के समय देश के हितों को संरक्षित करने में सरकार अपनी गलत विदेश नीति के कारण पूरी तरह विफल रही है, जिसके परिणामस्वरूप देश में ईंधन का गंभीर संकट व्याप्त हो गया है।
महंगाई की मार और आपूर्ति में बाधा
वक्ताओं ने विरोध जताते हुए कहा कि "केंद्र सरकार द्वारा आम जन पर महंगाई का बोझ डालते हुए घरेलू गैस के दाम बढ़ाकर गैस सिलेंडर की कीमतों में 60 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई है और कॉमर्शियल सिलेंडर में 110 रुपए की वृद्धि हुई है।" लगातार शादी-विवाह एवं अन्य समारोह आयोजित हो रहे हैं, किन्तु इस समय में केंद्र सरकार द्वारा इन समारोहों में आयोजन हेतु आवश्यक कॉमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति को बाधित कर दिया गया है, जिससे आम जन को अतिरिक्त कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। सामाजिक कार्य संपन्न करने में केंद्र सरकार का यह निर्णय घातक सिद्ध हो रहा है। गैस सिलेंडरों की आपूर्ति के लिए लंबी-लंबी कतारे लग रही हैं और इस महंगाई के दौर में जनता का समय, श्रम व धन व्यर्थ खर्च हो रहा है।
विदेश नीति और रोजगार पर प्रहार
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने बासमती चावल के निर्यात पर पाबंदी लगा दी है और पहले मनरेगा योजना का स्वरूप बदलकर इसे खत्म करने की योजना बना रही है, जिससे लोगों का रोजगार छिन गया है और आमजन के पेट में समय से निवाला भी नहीं जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान कहा गया कि "कांग्रेस राज में रसोई गैस का सिलेंडर 300 रुपये का हुआ था, तब विपक्ष ने बहुत विरोध किया था, लेकिन वही सिलेंडर आज 1000 रुपये में भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, फिर भी यह सरकार मौन है।" वक्ताओं ने तंज कसते हुए कहा कि इस समय राइजिंग इंडिया और राइजिंग राजस्थान में केवल भाजपा की चमक बढ़ रही है, जबकि देश के प्रधानमंत्री एक दशक से महंगे कपड़े और सूट पहनकर विदेशों में बिन बुलाए मेहमानों की तरह घूम-घूमकर छप्पन भोग पकवान खा रहे हैं और भारत के राजस्व का खर्चा उड़ा रहे हैं।
स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा का संकट
धरने में यह गंभीर आरोप भी लगाया गया कि गलत विदेश नीतियों के कारण कच्चे तेल, रसोई गैस और किसान के उर्वरकों में काम आने वाला कच्चा माल उपलब्ध नहीं हो रहा है। नरेंद्र मोदी अमेरिका के सामने सरेंडर हो गए हैं और ऐसी डील करने जा रहे हैं जिससे मिल्क पाउडर में गलत हार्मोन मिलकर आएगा, जो बच्चों, जवानों और बूढ़ों के स्वास्थ्य पर वैसा ही प्रतिकूल असर डालेगा जैसा 1960-70 के दशक में लाल गेहूँ ने किया था। सीएमआईआई एजेंसी के हालिया आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया कि राजस्थान में 63 लाख बेरोजगार हैं। भाजपा की केंद्र और राज्य सरकार रोजगार खत्म करने के साथ-साथ गरीब के चूल्हे को जलता हुआ नहीं देख सकती। भारत सरकार का बजट करीब 53 लाख करोड़ का है, लेकिन इसमें रोजगार और जरूरत की चीजों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है।
सामाजिक कुप्रबंधन और फंसे हुए भारतीय
वक्ताओं ने कहा कि इंदिरा रसोइयों में समय से सिलेंडर नहीं पहुंच रहे हैं, जिससे गरीब मजदूर और किसानों को खाना नहीं मिल पा रहा है। जो सरकार जनता को खाने, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकती, वह पूरी तरह विफल है। इसके अतिरिक्त, लाखों भारतीय नागरिक खाड़ी के देशों में फंसे हुए हैं, जिनकी सुरक्षित वापसी के लिए सरकार कोई ठोस कार्य नहीं कर रही है। कांग्रेस ने मांग की है कि गैस की बढ़ी हुई कीमतों को वापस लिया जाए, सामाजिक सुरक्षा पर अविलंब कार्रवाई हो और वर्तमान समस्याओं पर सरकार एक 'श्वेत पत्र' जनता के सामने रखे।
कार्यक्रम के प्रमुख सहभागी
इस विरोध प्रदर्शन में श्रीमती श्वेता यादव (महिला जिलाध्यक्ष), सुगड़ सिंह जाटव, भवानी शंकर, फज्जर खान, देवेंद्र सिंह, श्रीराम चुलहरा (एससी प्रकोष्ठ), महमूदा खान (खेलकूद प्रकोष्ठ), महावीर गुर्जर (ओबीसी प्रकोष्ठ), राजू मीणा (आदिवासी प्रकोष्ठ), गुलसाद खान (अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ), राजेश मीणा (कच्छी बस्ती प्रकोष्ठ), रघुवीर पटवारी रारह (पर्यावरण प्रकोष्ठ), दिनेश सिनसिनी, प्रतापसिंह महरावर, मूलचंद तहसीलदार, पूरण सिंह बडेसरा, एडवोकेट दीपेंद्र सिंह, दलवीर सिंह कासोट, विक्रम सिंह एडवोकेट, कुबर गोवर्धन सिंह, मनोज, हरिओम सरपंच पेंघोर, करमवीर, धर्मेंद्र, ब्रजेश, सुशील, गजराज सिंह, पिंटु सावोरा, अजय भटवली, गजराज बांसरोली, दिनेश मोहनी, पंकज प्रधान, श्रीचंद शर्मा, रामवीर रारह, प्रेमसिंह प्रजापति, कमल सिंह गड़ासिया एवं अनुराग पला, अयूब खान सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने वक्ता के रूप में अपने विचार व्यक्त किए।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
