डीग के लाला वाला कुंडा कामा गेट स्थित लाला मुरारी अग्रवाल धर्मशाला में सोमवार को जिला कांग्रेस ओबीसी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष महावीर गुर्जर के नेतृत्व में एक विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में कांग्रेस पदाधिकारियों ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर जमकर प्रहार करते हुए आगामी चुनावों के लिए जातिगत समीकरणों और संवैधानिक अधिकारों को धार दी। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजीव चौधरी ने अपने संबोधन में देश की जनसांख्यिकीय शक्ति को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत में ओबीसी की आबादी लगभग 52 प्रतिशत है, जबकि छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में यह 82 प्रतिशत तक है। उन्होंने हरियाणा, बिहार, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे विकसित राज्यों का उदाहरण देते हुए बताया कि इन क्षेत्रों में ओबीसी की जनसंख्या 50 प्रतिशत से अधिक है। राजस्थान के संदर्भ में उन्होंने स्पष्ट किया कि यहाँ ओबीसी की आबादी करीब 56 प्रतिशत है, और यदि आगामी पंचायत व निकाय चुनावों में ओबीसी के साथ एससी, एसटी और माइनॉरिटी (अल्पसंख्यक) वर्ग एकजुट हो जाए, तो कांग्रेस का परचम लहराना निश्चित है।

राजीव चौधरी ने राजस्थान सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार संविधान के अनुच्छेद 243 E और 243 Q का सरेआम उल्लंघन कर रही है, क्योंकि 5 वर्ष की निश्चित अवधि बीतने के बावजूद पंचायत और निकाय चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं। वर्तमान में राजस्थान की 41 जिला परिषदों, 309 नगर निकायों और लगभग 14,000 ग्राम पंचायतों की स्थिति अधर में है। इस देरी के कारण केंद्र सरकार से मिलने वाला पंचायती राज का 1900 करोड़ रुपया अटक गया है और ग्रामीण विकास हेतु आवंटित 16,000 करोड़ का बजट भी अधरझूल में लटक गया है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्थान प्रदेश ओबीसी प्रकोष्ठ के चेयरमैन हरसहाय यादव ने चुनावी निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उन्होंने पश्चिम बंगाल में लगभग 70 लाख वोट काटे जाने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भाजपा सरकार निष्पक्ष चुनाव नहीं कर रही है। उन्होंने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सी.पी. जोशी की एक वोट से हुई हार का स्मरण कराते हुए कार्यकर्ताओं को प्रत्येक वोट के महत्व के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।

सम्मेलन में सांसद संजना जाटव ने संगठन की मजबूती पर बल देते हुए कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर भाजपा की नाकामियों को जनता के बीच उजागर करने की अपील की। उन्होंने क्षेत्र के किसानों को भरोसा दिलाया कि हाल ही में हुई प्राकृतिक आपदा और ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसलों के उचित मुआवजे के लिए वह जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर पारदर्शी व संवेदनशील गिरदावरी की मांग करेंगी और मुख्यमंत्री को भी शीघ्र राहत हेतु पत्र लिखेंगी। भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर राजीव चौधरी ने सरकार को सचेत किया कि भूमि धारकों को विकसित भूमि का 40 प्रतिशत हिस्सा मुआवजे के रूप में दिया जाना अनिवार्य होना चाहिए।

इस गरिमामयी कार्यक्रम में ओबीसी प्रकोष्ठ के संभाग प्रभारी अजीत सिंह महुआ, भरतपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश सूपा, ओबीसी प्रभारी जसवंत यादव, सीए मुख्तियार अहमद, महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्वेता यादव (भरतपुर), और डीग ओबीसी प्रकोष्ठ के अध्यक्षगण संजीव चौधरी, ओमप्रकाश व महावीर गुर्जर ने भी विचार व्यक्त किए। बैठक में ओबीसी प्रकोष्ठ सचिव श्रीमती नीमा चौधरी, जिला परिषद सदस्य मोहन सिंह गुर्जर, ब्लॉक अध्यक्ष भवानी शंकर व सुघड़ सिंह, एससी प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष श्री राम चूल्हेरा, पर्यावरण प्रकोष्ठ के रघुवीर सिंह पटवारी, जन अभाव प्रकोष्ठ के राहुल सोनी, खेल प्रकोष्ठ के महमूद खान, प्रदेश सचिव अयूब खान, अनुशासन समिति सदस्य जुबेर, पर्यावरण प्रकोष्ठ महासचिव प्रेम सिंह प्रजापति, प्रताप सिंह मेहरावर, कमल सिंह नेता, नंदकिशोर बैलारा, भरत सेन, पूरन सिंह बडेसरा, होती सिंह भटवाली, दीवान सिंह सीही, फतेह सिंह, सुनील पेंघौर, धर्मेंद्र पेंघोर, उदय सिंह सोगर, मिट्ठू सिंह सांखला, मोनू सातरुक, रवि सोनी, मोनू पेंघौर, नाहर सिंह बांसरोली, दुर्गेश थेरावर, विकास पसूपा, पूर्व प्रधान कमलेश और हरवीर सिंह पथेना सहित भारी संख्या में महिला एवं युवा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन भवानी शंकर खोह शर्मा द्वारा किया गया।

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