डीग, 22 अप्रैल। जन समस्याओं के सुगम समाधान की दिशा में जिला प्रशासन की पहल के तहत 23 अप्रैल, गुरुवार को ग्राम पंचायत रसिया में रात्रि चौपाल आयोजित की जाएगी। यह चौपाल सांय 6:00 बजे से राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, रसिया में आयोजित होगी, जिसकी अध्यक्षता जिला कलेक्टर मयंक मनीष करेंगे।

रात्रि चौपाल का उद्देश्य आमजन की समस्याओं को सीधे सुनकर उनका त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को अपनी समस्याएं जिला कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा, जिससे प्रशासनिक स्तर पर शीघ्र कार्रवाई संभव हो सकेगी।

जिला कलेक्टर मयंक मनीष की अध्यक्षता में आयोजित इस चौपाल के माध्यम से प्रशासन और ग्रामीणों के बीच संवाद स्थापित कर जनसमस्याओं के निस्तारण की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाएगा। यह पहल क्षेत्रीय स्तर पर प्रशासनिक जवाबदेही और जनसुनवाई की प्रभावशीलता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

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