डीग: जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने की बजट घोषणाओं और पेयजल व्यवस्था की समीक्षा
कलेक्टर ने अवैध जल कनेक्शन काटने, खेल स्टेडियम हेतु भूमि आवंटन और संपर्क पोर्टल पर 30 दिन में शिकायतों के निस्तारण के कड़े निर्देश दिए।

जिला कलेक्टर मयंक मनीष की अध्यक्षता में मंगलवार को पंचायत समिति सभागार, डीग में आयोजित जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक में विकास कार्यों और जनसमस्याओं के निस्तारण को लेकर गहन मंथन किया गया। कलेक्टर ने राज्य सरकार की बजट घोषणाओं वर्ष 2024-25, 2025-26 एवं 2026-27 की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा करते हुए आगामी ग्रीष्म ऋतु के मद्देनजर पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को स्पष्ट किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति सुचारू रखने के लिए टैंकरों की दर निर्धारण और निविदा प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। जल संकट से निपटने हेतु अवैध जल कनेक्शनों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर आगामी बैठक में साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के कड़े निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि 23 में से 20 हैंडपंप चालू हैं, जबकि शेष 2 में विद्युत कनेक्शन हेतु कलेक्टर ने जेवीवीएनएल के अधिकारियों को इसी सप्ताह कार्य पूर्ण करने के लिए पाबंद किया। विभाग द्वारा ग्रीष्मकाल में त्वरित राहत हेतु नियंत्रण कक्ष की स्थापना की सूचना भी साझा की गई।
विकासात्मक परियोजनाओं पर चर्चा करते हुए सांवई खेड़ा डिप्रेशन में पंप लगाने, छत निर्माण, कामां बस स्टैंड, अंजारी डंगिका एवं सेमली के 132 केवी जीएसएस सहित आयुष्मान मॉडल सीएचसी के निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। कुम्हेर कस्बे में जलभराव की स्थायी मुक्ति हेतु स्वायत्त शासन विभाग को ड्रेनेज व ग्रे-वाटर ट्रीटमेंट कार्य शीघ्र प्रारंभ करने तथा ईओ व हितधारकों के साथ संयुक्त कार्ययोजना बनाने हेतु निर्देशित किया गया। नगर कस्बे में ड्रेनेज व सीवरेज की डीपीआर तैयार होने और डीग में नवीन साइबर थाने हेतु भूमि आवंटन प्रक्रिया पूर्ण होने पर आगामी कार्यवाही के निर्देश अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को दिए गए। साथ ही नवल और अप्सरा कुंड हेतु पंप हाउस निर्माण पर विस्तार से विमर्श हुआ। जिला कलेक्टर ने वर्ष 2026-27 की घोषणाओं के तहत डीग व कामां में खेल स्टेडियम हेतु अविलंब भूमि चिन्हित कर मांग पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु कलेक्टर ने निर्देश दिए कि विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट में कार्यादेश, कार्य प्रारंभ और पूर्ण होने की अनुमानित तिथि अनिवार्य रूप से अंकित की जाए। बैठक में पंच गौरव कार्यक्रम के तहत कृषि विभाग द्वारा 500 किसानों के प्रशिक्षण और उद्योग विभाग द्वारा सिलिकोसिस बचाव हेतु 9 शिविरों व टूलकिट वितरण की सराहना की गई। राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों के प्रति संवेदनशीलता बरतते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी परिवाद 30 दिन से अधिक लंबित न रहे और निस्तारण केवल कागजी खानापूर्ति न होकर आवेदक की संतुष्टि पर आधारित हो। अंत में, सार्वजनिक निर्माण विभाग को सड़कों के रखरखाव और नगर पालिकाओं को पंपिंग व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश देते हुए जिला कलेक्टर ने राज्य सरकार की जनकल्याणकारी मंशा के अनुरूप समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य निष्पादन पर बल दिया।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
