डीग, 05 मई। राजस्थान के डीग जिले में सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और सरकारी अभियानों के संगम का एक अनूठा दृश्य मंगलवार को पहाड़ी उपखंड के ग्राम खेड़लीमन्ना में देखने को मिला। जिला कलक्टर मयंक मनीष ने यहां आयोजित 'संध्या चौपाल' के दौरान 'ग्राम रथ अभियान' के अंतर्गत उपस्थित लोक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किए गए पारंपरिक भपंग वादन का गहन अवलोकन किया। मेवात अंचल की इस सुप्रसिद्ध एवं अत्यंत प्राचीन लोक विधा के माध्यम से कलाकारों ने अपनी कला का ऐसा जीवंत प्रदर्शन किया कि समूचा वातावरण उत्साह और ऊर्जा से भर उठा।

कार्यक्रम के दौरान जिला कलक्टर मयंक मनीष ने लोक कलाकारों की इस दुर्लभ प्रस्तुति को अत्यंत रुचि के साथ सुना और उनकी कलात्मक कुशलता की मुक्त कंठ से सराहना की। उल्लेखनीय है कि भपंग जैसा पारंपरिक वाद्य यंत्र और इससे जुड़ी लोक कलाएँ भारतीय सांस्कृतिक धरोहर की अमूल्य एवं विशिष्ट पहचान हैं, जिन्हें जीवंत रखना प्रशासनिक व सामाजिक उत्तरदायित्व है। ग्राम रथ अभियान के तहत कला जत्था द्वारा प्रस्तुत इस सांस्कृतिक समागम ने न केवल प्रशासनिक कार्य्रक्रम को भव्यता प्रदान की, बल्कि वहां उपस्थित ग्रामीणों का मन भी मोह लिया। ग्रामीणों ने इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए इसे अपनी जड़ों से जुड़ने का एक सशक्त माध्यम बताया। यह आयोजन मेवात की लोक संस्कृति को मुख्यधारा में लाने और सरकारी योजनाओं के साथ कला के समन्वय की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध हुआ है।

Pratahkal HQ

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