डीग: जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने चिकित्सालय और राजकीय भूमि का किया निरीक्षण
कलेक्टर ने निर्माणाधीन जिला चिकित्सालय की गुणवत्ता जांची और शाहपुर में 56 बीघा राजकीय भूमि पर तारबंदी व आवंटन के निर्देश दिए।

डीग के शाहपुर में 56 बीघा राजकीय भूमि का मुआयना करते जिला कलेक्टर मयंक मनीष, साथ में उपखंड अधिकारी मुकेश चौधरी व अन्य राजस्व अधिकारी।
डीग, 21 अप्रैल। जिले में आधारभूत संरचनाओं के सुदृढ़ीकरण, चिकित्सा सुविधाओं के व्यापक विस्तार और राजकीय संपत्तियों के कुशल प्रबंधन को सुनिश्चित करने के संकल्प के साथ जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने मंगलवार को शहर के विभिन्न निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित महत्वपूर्ण स्थलों का सघन निरीक्षण किया। प्रशासनिक तत्परता दिखाते हुए जिला कलेक्टर ने सहराई रोड स्थित प्रगतिरत जिला चिकित्सालय, शाहपुर स्थित 56 बीघा राजकीय भूमि तथा मिनी सचिवालय परिसर की भूमि का मौके पर पहुंचकर भौतिक मुआयना किया और संबंधित अधिकारियों को कार्यों में गति लाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
राजकीय भूमि के संरक्षण और भविष्य में इसके सदुपयोग को प्राथमिकता देते हुए जिला कलेक्टर सबसे पहले शाहपुर स्थित 56 बीघा भूमि के विस्तृत स्थल पर पहुंचे। उन्होंने नगर परिषद को इस बेशकीमती भूखंड की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु इसके चारों ओर तत्काल प्रभावी तारबंदी करवाने के कड़े निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने तहसीलदार डीग को निर्देशित किया कि वे इस भूमि खंड में से विभिन्न सरकारी विभागों की आवश्यकताओं का आकलन कर उन्हें भूमि आवंटित करने के औपचारिक प्रस्ताव अविलंब तैयार करें।
निरीक्षण के अगले चरण में जिला कलेक्टर ने मिनी सचिवालय के समीप स्थित सिवायचक भूमि का अवलोकन किया। यहाँ उन्होंने संभावित अतिक्रमणों की स्थिति पर गंभीर संज्ञान लेते हुए राजस्व अधिकारियों से अतिक्रमण की विस्तृत और तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की। उन्होंने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया कि इस राजकीय भूमि को नियमानुसार हर हाल में अतिक्रमण मुक्त कराकर सुरक्षित रखा जाए, ताकि आगामी समय में प्रशासनिक जन-सुविधाओं के विस्तार और अन्य राजकीय प्रयोजनों हेतु इसका निर्बाध उपयोग संभव हो सके।
जन स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण सहराई रोड स्थित निर्माणाधीन जिला चिकित्सालय परिसर का जायजा लेते हुए जिला कलेक्टर ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और गति की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि गुणवत्ता मानकों से समझौता किए बिना निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए, ताकि क्षेत्रीय जनता को आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ शीघ्रता से मिल सके। इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान उपखंड अधिकारी डीग मुकेश चौधरी, नगर परिषद आयुक्त कुलदीप सिंह, तहसीलदार जुगीता मीना सहित राजस्व एवं अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह दौरा जिले के चहुंमुखी विकास और राजकीय संपत्तियों की शुचिता बनाए रखने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

