डीग, 13 जनवरी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के 'विकसित राजस्थान' के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में मंगलवार को डीग जिले में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं राजनीतिक हलचल देखी गई। जिले के प्रभारी व जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने पंचायत समिति सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की गहन समीक्षा बैठक ली, जहाँ उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी राज्य बजट केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि राजस्थान की जनता की भावनाओं और उनकी मौलिक आवश्यकताओं का जीवंत प्रतिबिंब होगा। इस बैठक में विकास के खाके से लेकर प्रशासनिक जवाबदेही तक, हर पहलू पर विस्तार से विमर्श किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत में प्रभारी मंत्री सुरेश सिंह रावत ने स्पष्ट संदेश दिया कि लोकतंत्र में बजट जनता की अपेक्षाओं का दर्पण होता है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य एक ऐसा सर्व-स्पर्शी और समावेशी बजट तैयार करना है, जो समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सके। बैठक के दौरान जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत हो रहे कार्यों में बरती जा रही लापरवाही पर मंत्री का कड़ा रुख देखने को मिला। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों का पुनरुद्धार उच्च गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित किया जाए। रावत ने एक महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू करते हुए निर्देश दिए कि सड़क मरम्मत का भौतिक सत्यापन अब सीधे ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम विकास अधिकारी के माध्यम से लिखित में होगा, और किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।

विकासात्मक चर्चा को आगे बढ़ाते हुए डीग-कुम्हेर विधायक डॉ. शैलेश सिंह ने क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं और तकनीकी सुधारों को प्रमुखता से पटल पर रखा। विधायक ने चंबल परियोजना और जल जीवन मिशन के बीच बेहतर तकनीकी तालमेल की आवश्यकता पर बल दिया ताकि सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग न हो। उन्होंने ग्रामीण सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से रारह में नवीन पुलिस चौकी की स्थापना, क्षतिग्रस्त सड़कों के पुनर्निर्माण और पेयजल प्रबंधन को सुचारू बनाने के ठोस प्रस्ताव रखे। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों की कार्यशैली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सुशासन की पहली शर्त संवेदनशीलता है। उन्होंने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों और आमजन के फोन का त्वरित और विनम्र उत्तर देने तथा जलापूर्ति का एक निश्चित समय-चक्र निर्धारित करने के लिए पाबंद किया।

बैठक के दूसरे चरण में 'बजट पूर्व संवाद' का आयोजन हुआ, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी। चिकित्सकों, किसानों, व्यापारिक संगठनों और युवाओं ने प्रभारी मंत्री के समक्ष डीग के ऐतिहासिक महलों और तालाबों के संरक्षण, कामां में नए महाविद्यालय की स्थापना और शहरी ड्रेनेज सिस्टम में सुधार जैसे महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इन सुझावों को राज्य सरकार तक पहुँचाने का आश्वासन देते हुए मंत्री ने आश्वस्त किया कि स्थानीय आवश्यकताओं को बजट में प्राथमिकता दी जाएगी। इस महत्वपूर्ण बैठक और संवाद सत्र में जिलाध्यक्ष श्रीमती शिवानी दायमा, जिला कलेक्टर उत्सव कौशल, जिला पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश मीना, अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजकुमार कसवा, मंडल अध्यक्ष ललित तिवारी, खेमचंद कोली, पवन खंडेलवाल सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे। यह आयोजन न केवल प्रशासनिक समीक्षा का माध्यम बना, बल्कि डीग के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक निर्णायक कदम के रूप में भी उभरा।

Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

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