मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट जन

  • मुख्य अतिथि: मोहन स्वरूप पाराशर (पूर्व सीडीपीओ)
  • अंजू गुप्ता (पूर्व चेयरमैन)
  • प्रेम शर्मा
  • दाऊ दयाल जोशी
  • रमेश भाई
  • टिम्मी भाई

परमात्मा परिचय एवं सांस्कृतिक प्रस्तुति

कार्यक्रम के दौरान ब्रह्माकुमारी उर्मिला बहन ने परमात्मा का परिचय दिया तथा ब्रह्माकुमारी विजय बहन ने शिव संदेश का गीत सुनाया। उपस्थित अन्य भ्रातागण दीपक भाई, लक्ष्मण प्रसाद परचून, मनीष भाई, घनश्याम भाई, प्रीति गुप्ता एवं उमेश भाई सभी भाई-बहनों ने मिलकर दीप प्रज्वलित किया तथा प्रसाद वितरण किया गया।


मुख्य अतिथि का संबोधन

मोहन स्वरूप पाराशर ने परमपिता शिव के बारे में बताया तथा सभी को आध्यात्मिकता के ऊपर जोर दिया। उन्होंने कहा कि:

"भक्ति में ही शक्ति है।"

इस संस्था के अच्छे कार्यों के लिए उन्होंने ब्रह्माकुमारी उर्मिला तथा ब्रह्माकुमारी विजय एवं अन्य सभी को शिव जयंती पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

Next Story