जिले में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा के समूल उन्मूलन और प्रभावी रोकथाम हेतु जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। आगामी अक्षय तृतीया एवं पीपल पूर्णिमा के पर्वों के दृष्टिगत एक व्यापक और ठोस कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसके तहत जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने जानकारी देते हुए बताया कि 19 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया एवं 1 मई 2026 को पीपल पूर्णिमा पर होने वाले संभावित अबूझ सावाओं को देखते हुए जिला एवं उपखण्ड स्तर पर 24 घंटे क्रियाशील नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष उपनिदेशक, महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय में संचालित होगा, जहाँ प्राप्त होने वाली प्रत्येक शिकायत को विधिवत पंजीबद्ध कर त्वरित प्रशासनिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासनिक निर्देशों की कड़ाई का आलम यह है कि सभी उपखण्ड अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर हलवाई, टेंट व्यवसायी, बैंड-बाजा वादक, पंडित एवं परिवहनकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित कर उन्हें बाल विवाह में किसी भी प्रकार का सहयोग न करने हेतु कानूनी रूप से पाबन्द करने के आदेश दिए गए हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब विवाह के निमंत्रण पत्रों पर वर-वधू की जन्म तिथि अंकित करना अनिवार्य होगा अथवा प्रिंटिंग प्रेस संचालकों को अपने पास आयु प्रमाण पत्र की प्रति अनिवार्य रूप से रखनी होगी। इसी कड़ी में शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे विद्यालयों से लंबे समय से अनुपस्थित अथवा ड्रॉप-आउट विद्यार्थियों की सूची तैयार कर उनके अभिभावकों की सघन काउंसलिंग करें। वहीं, जमीनी स्तर पर निगरानी तंत्र को मजबूत करने हेतु आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, साथिनों एवं महिला सुरक्षा सखियों के कोर-ग्रुप को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है।

जिला प्रशासन ने आमजन से भी इस सामाजिक बुराई के खिलाफ सहभागिता की अपील की है कि बाल विवाह की सूचना तुरंत हेल्पलाइन नंबर 181 अथवा पुलिस नियंत्रण कक्ष के नंबर 100 पर दें, जिसमें सूचनादाता की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। कलेक्टर ने चेतावनी दी है कि बाल विवाह के आयोजन की स्थिति में संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी के रूप में उत्तरदायी माना जाएगा और दोषियों के विरुद्ध विधि सम्मत कठोरतम कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। प्रशासन के इस कड़े रुख से जिले में बाल विवाह रोकने हेतु एक अभेद्य सुरक्षा चक्र तैयार हो गया है।

Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

Next Story