डीग: सद्भावना और सेवा का संदेश—गुरुद्वारा टिब्बा साहब में लंगर पकाते दिखे गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म
डीग के सीकरी स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा टिब्बा साहब में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने लंगर पकाकर और संगत के बीच बैठकर सेवा व समरसता का संदेश दिया। गुरुद्वारा प्रबंधन द्वारा सिरोपा भेंट कर सम्मान किया गया, कार्यक्रम में सामाजिक सौहार्द की मिसाल देखने को मिली।

डीग, 30 दिसंबर। सार्वजनिक जीवन में पद और प्रोटोकॉल की सीमाएं जब सेवा और संस्कार के भाव से टूटती हैं, तब समाज के सामने एक प्रेरक उदाहरण उभरता है। बृजनगर विधानसभा क्षेत्र के सीकरी कस्बे के जलालपुर स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा टिब्बा साहब में मंगलवार को ऐसा ही दृश्य देखने को मिला, जब राजस्थान के गृह, गौपालन, पशुपालन, डेयरी तथा मत्स्य विभाग के राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने राजकीय औपचारिकताओं से हटकर संगत के बीच एक साधारण सेवक की भूमिका निभाई।
गुरुद्वारा टिब्बा साहब में दर्शन के उपरांत गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म सीधे लंगर हॉल पहुंचे, जहां उन्होंने लंगर सेवा में सहभागिता करते हुए बड़ी कड़ाही में स्वयं प्रसादा पकाया। भाप और गर्मी के बीच कड़छी थामे मंत्री का यह रूप वहां उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए भावनात्मक क्षण बन गया। इस दौरान उन्होंने गुरु के दरबार में समानता और सेवा की परंपरा को व्यवहार में उतारते हुए यह संदेश दिया कि धर्मस्थल पर कोई विशिष्ट नहीं होता, सभी समान होते हैं।
लंगर सेवा के बाद मंत्री बेढ़म ने संगत के बीच जमीन पर दरी पर बैठकर सिख समाज के बुजुर्गों और प्रबुद्धजनों से संवाद किया। ठंड के मौसम में बुजुर्गों के साथ निकटता से बैठकर उनकी बातें सुनना और उनसे आशीर्वाद लेना सामाजिक समरसता का सशक्त प्रतीक बना। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी और गुरु गोविंद सिंह जी का जीवन त्याग, बलिदान और मानव सेवा की प्रेरणा देता है, और यही मूल्य उनके सार्वजनिक जीवन की दिशा तय करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी और सिख समाज के वरिष्ठजनों ने गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म को सिरोपा और गुरुओं का चित्र भेंट कर सम्मानित किया। समाज के प्रतिनिधियों ने इसे सीकरी क्षेत्र के लिए एक दुर्लभ और स्मरणीय क्षण बताया, जब किसी मंत्री ने पूरी सहजता के साथ संगत में शामिल होकर सेवा की।
इस अवसर पर मंत्री बेढ़म ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में विकसित और समरस राजस्थान की परिकल्पना को साकार करने की प्रेरणा ऐसे धार्मिक और सामाजिक स्थलों से मिलती है। उन्होंने क्षेत्र में आपसी भाईचारे और सौहार्द की परंपरा को और मजबूत बनाए रखने का भरोसा दिलाया।
गुरुद्वारा टिब्बा साहब में आयोजित इस कार्यक्रम के साक्षी स्थानीय जनप्रतिनिधि, गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के पदाधिकारी, पुलिस-प्रशासन के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु बने। मंत्री की इस पहल को सामाजिक सद्भाव और मानवीय मूल्यों के सशक्त संदेश के रूप में देखा गया।
रिपोर्ट: पूरन प्रकाश बंसल, डीग।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
