डीग, 14 नवंबर। राजस्थान में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी अंबेडकर डीबीटी वाउचर योजना एक बार फिर योग्य विद्यार्थियों के लिए नए अवसर लेकर आई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इस योजना के ऑनलाइन आवेदन 17 नवंबर से प्रारंभ हो चुके हैं, जिन्हें विद्यार्थी 31 दिसंबर तक भर सकेंगे। योजना का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों से जिला मुख्यालय पर अध्ययन के लिए आने वाले विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे बिना किसी व्यवधान के अपनी उच्च शिक्षा जारी रख सकें।

योजना के तहत केवल वही विद्यार्थी आवेदन कर सकेंगे जो राजस्थान के मूल निवासी हों और जिला स्तर के राजकीय महाविद्यालयों में नियमित रूप से अध्ययनरत हों। पात्रता शर्तों में जाति व आय सीमा महत्वपूर्ण आधार बनी हुई है, जिसके अनुसार SC, ST और MBC वर्ग के विद्यार्थियों तथा उनके माता-पिता की अधिकतम वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये निर्धारित की गई है। वहीं OBC वर्ग की आय सीमा 1.50 लाख रुपये और EWS वर्ग की सीमा 1.00 लाख रुपये तय की गई है। इसके अतिरिक्त अभ्यर्थी उसी नगर निकाय का निवासी नहीं होना चाहिए जिसमें वह महाविद्यालय स्थित है, ताकि लाभ उन विद्यार्थियों तक पहुंचे जो बाहर से आकर अध्ययन कर रहे हैं।

अभ्यर्थी इस योजना के लिए ई-मित्र केंद्रों या अपनी एसएसओ आईडी के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए sso.rajasthan.gov.in या SJMS पोर्टल पर जाकर जनाधार कार्ड के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। विभागीय दिशानिर्देशों के अनुसार पात्र विद्यार्थियों को प्रतिमाह 2000 रुपये की सहायता डीबीटी के माध्यम से प्रदान की जाएगी, जो उनके आवास, भोजन और अन्य आवश्यक शैक्षणिक खर्चों में महत्वपूर्ण सहारा साबित होगी।

31 दिसंबर अंतिम तिथि होने के कारण विभाग ने विद्यार्थियों से समय रहते आवेदन पूर्ण करने की अपील की है, ताकि किसी भी तकनीकी या दस्तावेज़ संबंधी त्रुटि के चलते उन्हें लाभ से वंचित न होना पड़े। यह योजना हजारों विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के रास्ते को सुगम बनाने में एक प्रभावी कदम मानी जा रही है।

Pratahkal Bureau

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