बृजनगर-सीकरी सड़क सुदृढ़ीकरण हेतु 4.17 करोड़ की अतिरिक्त राशि स्वीकृत
राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म के प्रयासों से जालुकी चौराहा-सीकरी मार्ग (SH-35) अब 7 के बजाय 10 मीटर चौड़ा होगा, जिससे ब्रज परिक्रमा और स्थानीय किसानों को लाभ मिलेगा।

डीग, 09 मार्च। बृजनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक तथा राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म के निरंतर एवं भागीरथी प्रयासों के फलस्वरूप जालुकी चौराहा से सीकरी वाया गोविंदगढ़ (SH-35) मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य हेतु 4,17,49,308 रुपये (चार करोड़ सत्रह लाख उनचास हजार तीन सौ आठ रुपये) की एक्सेस आइटम स्लिप को सार्वजनिक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता द्वारा प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में स्वीकृत 21 करोड़ के अलावा यह अतिरिक्त राशि स्वीकृत हुई है।
तकनीकी सुदृढ़ीकरण और परियोजना का स्वरूप
मुख्य अभियंता (रोड), जयपुर द्वारा जारी आदेशानुसार इस स्वीकृत धनराशि का उपयोग सड़क की चौड़ाई को 7 मीटर से बढ़ाकर 10 मीटर करने के साथ-साथ डामरीकरण और आधुनिक सड़क सुरक्षा मानकों को पूर्ण करने में किया जाएगा। इस विस्तृत परियोजना के अंतर्गत सड़क मार्ग पर मिट्टी खुदाई, तटबंध निर्माण, कंक्रीट पेवमेंट (M-40 Grade) और आधुनिक सड़क चिह्नों जैसे कैट्स आई और थर्मोप्लास्टिक पेंट का कार्य भी उच्च गुणवत्ता के साथ संपन्न किया जाएगा। गृहराज्य मंत्री बेढ़म इस परियोजना की तकनीकी जटिलताओं को दूर करने और क्षेत्रवासियों को सुगम आवागमन सुनिश्चित करने हेतु लंबे समय से प्रयासरत थे, जिसके सुखद परिणाम स्वरूप इस परियोजना को माननीय उप-मुख्यमंत्री एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग मंत्री का भी अनुमोदन प्राप्त हुआ है।
कुशल क्रियान्वयन एवं प्रशासनिक व्यवस्था
परियोजना के कुशल क्रियान्वयन हेतु अधिशाषी अभियंता, रामगढ़ (अलवर) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि डीग जिले की भौगोलिक सीमा में आने वाले कार्यों का निष्पादन अधिशाषी अभियंता, बृजनगर के पर्यवेक्षण में सुनिश्चित किया जाएगा। इस सड़क मार्ग के सुदृढ़ीकरण से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि यह क्षेत्र के धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास में भी मील का पत्थर साबित होगा।
क्षेत्रीय विकास और धार्मिक पर्यटन पर प्रभाव
सीकरी और गोविंदगढ़ जैसे ऐतिहासिक क्षेत्रों के सुदृढ़ सड़क संपर्क से ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विशेष सुविधा प्राप्त होगी, जिससे क्षेत्रीय धार्मिक पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा। बेहतर सड़क अवसंरचना के कारण स्थानीय किसानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुँचाने में कम समय और कम लागत का सामना करना पड़ेगा, जो प्रत्यक्ष रूप से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संबल प्रदान करेगा। चौड़ी और सुरक्षित सड़क होने से क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगेगा तथा भारी वाहनों का आवागमन निर्बाध हो सकेगा, जिससे समय और ईंधन की व्यापक बचत होगी।
विकसित राजस्थान-2047 का संकल्प
गृहराज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने इस ऐतिहासिक स्वीकृति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्रवासियों की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि "बृजनगर और सीकरी क्षेत्र का सर्वांगीण विकास ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और वे प्रदेश सरकार के विकसित राजस्थान-2047 के संकल्प को प्रत्येक ग्राम तक पहुँचाने हेतु पूर्णतः समर्पित हैं।" उन्होंने विश्वास दिलाया कि इस सड़क परियोजना के पूर्ण होने से न केवल आवागमन की बाधाएं दूर होंगी, बल्कि यह मार्ग क्षेत्र की प्रगति का मुख्य आधार बनेगा।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
