भाजपा कार्यकर्ताओं ने मनाया डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस, राष्ट्र एकता के प्रति समर्पण को किया नमन
बयाना में भाजपा कार्यकर्ताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 73वीं पुण्यतिथि को बलिदान दिवस के रूप में मनाया। कार्यक्रम में उनके राष्ट्रवादी विचारों, जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर संघर्ष और ऐतिहासिक योगदान को याद किया गया।

सत्यनारायण मंदिर परिसर में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 73वीं पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार शाम जनसंघ के संस्थापक एवं प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 73वीं पुण्यतिथि को बलिदान दिवस के रूप में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया। सत्यनारायण मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने उनके राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को स्मरण करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ भाजपा नेता जवाहर शर्मा ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित करने के साथ हुआ। इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने उनके जीवन, व्यक्तित्व और राष्ट्रहित में किए गए कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
वक्ताओं ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का संपूर्ण जीवन देश की एकता, अखंडता और स्वाभिमान की रक्षा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने के लिए संघर्ष किया और इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। वक्ताओं ने उनके विचारों और सिद्धांतों को आज भी भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. मुखर्जी के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि उनका जन्म 6 जुलाई 1901 को कोलकाता में हुआ था। वे एक सिद्धांतनिष्ठ राजनेता, शिक्षाविद, समाज सुधारक और राष्ट्रवादी विचारक के रूप में देशभर में सम्मानित रहे। वक्ताओं ने उनके उस ऐतिहासिक संकल्प को भी याद किया, जिसमें उन्होंने ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे’ का नारा देते हुए आंदोलन का नेतृत्व किया था।
इस अवसर पर युवा मोर्चा के पूर्व मंडल अध्यक्ष अनिल पाराशर, रूपकिशोर सेजवाल, जिला कार्यसमिति सदस्य प्रेमशंकर तिवारी, मंडल उपाध्यक्ष भगवान स्वरूप पाराशर, हीरासिंह पटेल, प्रदीप तिवारी, जगन्नाथ मावई, बृजेश शर्मा, देवेंद्र शर्मा, चरनसिंह जांगिड़ सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों और उनके बलिदान को स्मरण करते हुए किया गया। वक्ताओं ने कहा कि देश की एकता और अखंडता के लिए उनका योगदान भारतीय राजनीतिक इतिहास में सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

Devisingh Prajapat, Bharatpur
नाम: देवीसिंह प्रजापत
कार्यक्षेत्र: बयाना उपखंड / उप जिला बयाना (राजस्थान)
अनुभव: 15 वर्ष
बीट (मुख्य विषय): सर्वपक्षीय समाचार (सभी तरह की खबरें और ग्राउंड रिपोर्टिंग)
परिचय
देवीसिंह प्रजापत राजस्थान के बयाना उपखंड क्षेत्र के एक अत्यंत अनुभवी, निष्पक्ष और सक्रिय पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से उप जिला बयाना और संपूर्ण बयाना उपखंड की हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर पैनी नजर रखते हैं। स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं, विकास कार्यों से लेकर क्षेत्र की हर प्रमुख हलचल और सभी तरह की खबरों को प्रमुखता व प्रामाणिकता के साथ पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का व्यापक अनुभव (Work Experience)
देवीसिंह प्रजापत जी को मीडिया जगत का एक लंबा और समृद्ध अनुभव है। वह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। इस डेढ़ दशक के सफर में उन्होंने मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स (प्रिंट, डिजिटल व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) पर काम किया है, जिससे उन्हें ग्राउंड रिपोर्टिंग और क्षेत्रीय मुद्दों की गहरी समझ है।
शैक्षणिक योग्यता
देवीसिंह प्रजापत जी शैक्षणिक रूप से बेहद सुदृढ़ हैं। उन्होंने विज्ञान स्नातक (B.Sc.) के साथ-साथ बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (B.E.) की डिग्री हासिल की है। उनकी यह तकनीकी और तार्किक पृष्ठभूमि उन्हें खबरों के विश्लेषण, तथ्यों की जांच और समसामयिक मुद्दों को एक वैज्ञानिक व सटीक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने में सक्षम बनाती है।
