भुसावर: माध्यमिक आदर्श विद्या मंदिर में शिशु नगरी और मेले का आयोजन
विद्या भारती द्वारा नई शिक्षा नीति के प्रति जागरूकता लाने के लिए आयोजित मेले में भैया-बहनों ने विभिन्न स्टॉल लगाकर आत्मनिर्भरता के गुर सीखे।

भुसावर के रघुनाथ बाग स्थित आदर्श विद्या मंदिर में आयोजित शिशु मेले के दौरान स्टॉल पर मौजूद विद्यार्थी और जानकारी लेते अतिथिगण।
भुसावर में विद्या भारती द्वारा संचालित माध्यमिक आदर्श विद्या मंदिर रघुनाथ बाग में केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति के प्रति लोगों में जागरूकता के लिए शिशु नगरी और शिशु मेले का आयोजन 12 फरवरी 2026, गुरुवार को किया गया। जिसमें अनेक भैया – बहनों के द्वारा अलग-अलग दुकान लगाई गई।
मेले का भव्य उद्घाटन
मेले का उद्घाटन मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन कर निम्नलिखित अतिथियों द्वारा किया गया:
- श्री चैतन्य प्रकाश अग्रवाल (जिला शिशु वाटिका एवं संस्कार केन्द्र प्रमुख)
- श्री शेर सिंह सैनी (उप समिति के संरक्षक)
- श्री दीनदयाल सिंह (प्रधानाचार्य)
- श्री मोहन मुरारी पाण्डेय (प्राथमिक प्रभारी)
इस अवसर पर प्रवोध सोनी, राघव सिंह, राजेश शर्मा, खुशी राम, गोपाल सिंह, नवजीत सिंह, जगदीश सैनी, बनवारी गोयल, श्रीमती कुसुम लता, प्रदीप सिंह, श्रीमती आशा, शोभा, पिस्ता मनीषा सुश्री भावना, रीना, दिव्या व समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति और बाल नगरी का उद्देश्य
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत खेल-खेल में शिक्षा तथा बिना बस्ता श्रव्य – दृश्य आधारित शिक्षा के उद्देश्य की पूर्ति में बाल नगरी आयोजित की गई।
इसका मुख्य उद्देश्य पांच ज्ञानेंद्रियों और पांच कर्मेंद्रियां के माध्यम से बालकों में प्राणिक, मानसिक, शारीरिक, आध्यात्मिक विकास के लिए निम्नलिखित व्यवस्थाओं में क्रियाकलाप आधारित शिक्षण से ज्ञान का विकास करना है:
- विज्ञान प्रयोगशाला, कला शाला और वस्तु संग्रहालय
- प्रदर्शनी, रंगमंच और कार्यशाला
- चित्र पुस्तकालय और आदर्श घर
"इससे बच्चों को करके सीखने और देख के सीखने का अवसर मिलता है।"
मेले के मुख्य आकर्षण और प्रदर्शनी
शिशु नगरी व शिशु मेले में विद्यार्थियों के द्वारा अपनी कड़ी मेहनत से अनेक स्टॉल लगाई गई, जिनमें शामिल थे:
- चित्र पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशाला अर्थात शिशु वाटिका की 12 व्यवस्थाएं
- खान-पान, पहनावे की प्रदर्शनी और पारंपरिक खेल
- डॉक्टर, नाई, धोबी, किसान, दर्जी, महिला सौंदर्य प्रसाधन और शूटिंग बाजी
मेले में घुड़सवारी भी आकर्षण का केन्द्र रही। सभी अतिथियों ने स्टॉल्स पर जाकर मेले के बारे में जानकारी ली, बच्चों को प्रोत्साहित किया और उनकी प्रशंसा की। अनेक महिलाएं, पुरुष और बच्चों ने भव्य मेले में उपस्थित होकर शिशु नगरी व बाल मेले को सुशोभित किया और भव्य मेले का आनंद उठाया साथ ही चाट भंडार का लुफ्त उठाया।
विद्यार्थियों का कौशल विकास और आत्मनिर्भरता
इस मेले में विद्यार्थियों को बहुत कुछ सीखने को मिला जैसे नाप– तोल करना, ग्राहक और दुकानदार से बातचीत करना, मोल – भाव करना, दुनियादारी समझना, निशानेबाजी करना, स्वयं निर्माण करना, अपने पैरों पर खड़े होना अर्थात आत्मनिर्भर बनना, खराब वस्तुओं का पुनः उपयोग करना और खाना बनाना आदि।
साथ ही विद्यार्थियों में नई शिक्षा नीति के तहत अनेक कौशलों का विकास हुआ।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
