भुसावर में 8 मार्च को धूमधाम से मनाया जाएगा वासौड़ा पर्व, शीतला माता मंदिरों में तैयारियां अंतिम चरण में
हिंडौन मार्ग स्थित प्राचीन शीतला माता मंदिर सहित क्षेत्र के मंदिरों में सजावट, फूल बंगला झांकी और श्रद्धालुओं द्वारा भोग व पूजा की तैयारियां।

भुसावर। उपखंड क्षेत्र में आस्था और परंपरा का प्रतीक वासौड़ा पर्व इस वर्ष 8 मार्च रविवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। पर्व को लेकर कस्बे सहित आसपास के क्षेत्रों में भक्तों के बीच उत्साह का माहौल है। शीतला माता के पूजन की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं और मंदिरों में विशेष सजावट के साथ धार्मिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तय कर ली गई है।
कस्बे के हिण्डोंन सड़क मार्ग स्थित प्राचीन शीतला माता मंदिर तथा खिरकारी भगतराज स्थित शीतला माता मंदिर परिसर में इस अवसर पर भव्य धार्मिक आयोजनों का आयोजन किया जाएगा। शीतला भक्त मंडल के सदस्यों के अनुसार मंदिरों में फूल बंगला झांकी सजाई जा रही है और रंग-बिरंगी इलेक्ट्रॉनिक लाइटों से पूरे परिसर को आकर्षक रूप से सजाकर दुल्हन की तरह संवारने की तैयारियां की जा रही हैं। मंदिर के भगत गोविंदा प्रजापत के सानिध्य में यह आयोजन संपन्न होगा, जिसमें क्षेत्र के श्रद्धालु बड़ी संख्या में भाग लेंगे।
भक्त मंडल के सदस्य विष्णु सैन, सोनू सैनी (सेठी) और सोनू अरोड़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि वासौड़ा पर्व की परंपरा के अनुसार शनिवार को घरों में नहान की रस्म निभाई जाएगी। इसी दिन शाम को श्रद्धालु अपने-अपने घरों में शीतला माता के निमित्त रोटी, चावल, कढ़ी, पुआ-पकोड़े, दही, हलुआ और परांठे जैसे पारंपरिक पकवान तैयार करेंगे। अगले दिन रविवार की अलसुबह इन व्यंजनों का भोग शीतला माता को अर्पित कर पूजा-अर्चना की जाएगी और पूरे श्रद्धाभाव के साथ वासौड़ा पर्व मनाया जाएगा।
पर्व के दौरान मंदिरों में ढोल-नगाड़ों की गूंज और डीजे पर बजते भजनों के बीच श्रद्धालु नृत्य करते हुए माता के दरबार में अपनी आस्था प्रकट करेंगे। भक्त शीतला माता से परिवार में सुख-शांति, समृद्धि और क्षेत्र में खुशहाली की कामना करेंगे। इस आयोजन में ब्रजमोहन सोनी, मिथुन सैनी, विष्णु कुमार, हितेश सिंघल, मुकेश सैनी, सोमेन्द्र, सोनू वैध जी, पप्पू सोमेश पंडा सहित अनेक श्रद्धालु और सनातन धर्मप्रेमी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
आस्था और परंपरा से जुड़ा यह पर्व भुसावर क्षेत्र में सामूहिक श्रद्धा और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक माना जाता है। हर वर्ष की तरह इस बार भी वासौड़ा पर्व न केवल धार्मिक आस्था को प्रगाढ़ करेगा, बल्कि क्षेत्रवासियों को एक सूत्र में बांधने का संदेश भी देगा।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
