भुसावर खेड़ली मोड़ वन विभाग के कार्मिकों ने कुत्तों के हमले में घायल हुए एक नील गाय के शावक को ग्रामीण जनों की सूचना पर रेस्क्यू कर उपचार कराकर खेड़ली मोड़ वन विभाग की चौकी लाया गया। वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई कर शावक की जान बचाई।

सूचना पर वन विभाग की त्वरित कार्रवाई

वन पाल रेणु बाला मीणा ने बताया कि रेंजर नदबई राजेश शर्मा को ग्रामीण जनों ने सूचना देते बताया कि "भुसावर बाईपास के पास एक नील गाय का शावक घायल अवस्था में पड़ा हुआ है।" सूचना पर वन पाल रेणु वाला, शिवराम सिनसिनवार सहित वन्य कर्मी घटना स्थल पर गए। जहां पर घायल पड़े नील गाय के शावक को लेकर छोकर बाड़ा कला के राजकीय पशु अस्पताल लेकर उसका अस्पताल के पशु चिकित्सक विजय पहाड़िया से उपचार कराकर खेड़ली मोड़ वन पौधशाला लाया गया।

उपचार के बाद सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की तैयारी

अस्पताल में प्राथमिक उपचार और देखभाल के बाद शावक की स्थिति अब नियंत्रण में है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, घायल शावक को पूर्ण रूप से स्वस्थ्य होने पर सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया जाएगा। फिलहाल कार्मिकों द्वारा उसकी उचित देखरेख की जा रही है ताकि वह जल्द से जल्द अपने प्राकृतिक आवास में लौटने के लिए तैयार हो सके।

Pratahkal Bureau

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