भुसावर में बंदरों के हमले में बुरी तरह से जख्मी हुए मोर को बचाकर सोमवार को वन विभाग खेड़ली मोड़ को सौंपा गया। वन विभाग खेड़ली मोड़ की वन पाल रेणु बाला मीणा एवं वन कर्मी शिवराम सिंह सिनसिनवार ने बताया कि निकटवर्ती गांव सलेमपुर खुर्द निवासी नीतेश कटारिया ने वन विभाग को सूचना देते हुए बताया कि उनके गांव सलेमपुर खुर्द में सोमवार आज अल सुबह बंदरों ने एक मोर को पकड़ कर मारने की कोशिश कर रहे थे।

ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर बचाई मोर की जान

मोर की आवाज सुनकर तुरंत गांव के ही विक्रम सिंह प्रजापत और हितेश कटारिया ने अपनी जान जोखिम में डाल कर बंदरों के चुंगल से मोर का बचाव किया और उसे सुरक्षित अपने घर ले आए। इसके पश्चात उन्होंने तत्काल वन विभाग खेड़ली मोड़ को इस घटना की सूचना दी और घायल मोर को विभाग के सुपुर्द कर दिया।

पशु चिकित्सालय में उपचार और देखभाल जारी

वन विभाग खेड़ली मोड़ की टीम ने बंदरों के हमले में घायल मोर का पशु चिकित्सालय छोकरबाड़ा कला पर उपचार कराया। वर्तमान में खेड़ली मोड़ वन चौकी कर्मचारी घायल मोर की देखभाल कर रहे है ताकि उसे जल्द ही स्वस्थ कर पुनः प्राकृतिक वातावरण में छोड़ा जा सके।

Pratahkal Bureau

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