बंदरों के आतंक से भुसावर समेत छह गांवों में बढ़ी परेशानी, नागरिकों ने मांगी कार्रवाई
भुसावर समेत सलैमपुर कलां, खेड़ली ब्राह्मण, मजाजपुर, शहजादपुरा और गढ़ी ब्राह्मण में बंदरों के उत्पात से लोग परेशान हैं। वसु सिंघल के घायल होने के बाद पूर्व सरपंच ने अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की।

भुसावर। कस्बा भुसावर सहित सलैमपुर कलां, खेड़ली ब्राह्मण, मजाजपुर, शहजादपुरा और गढ़ी ब्राह्मण सहित ग्रामीण अंचल में बंदरों के बढ़ते उत्पात से आम नागरिक लंबे समय से परेशान हैं। बंदरों के समूह मकानों की छतों पर धमा-चौकड़ी मचाने के साथ लोगों को चोटिल कर रहे हैं। कई घटनाओं में बच्चे, वृद्ध और महिलाएं भी घायल हुए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में बंदरों की संख्या और उनका उत्पात दिन दूना, रात चौगुना बढ़ता जा रहा है। बंदर फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। कई बार बंदर आपस में ही प्राणघातक हमला कर एक-दूसरे को लहूलुहान कर गंभीर रूप से घायल कर देते हैं। इसके चलते भुसावर सहित आसपास के गांवों में जनजीवन प्रभावित है और आमजन चिंतित हैं।
पिछले दिनों अध्यापक ललित सिंघल के बेटे वसु सिंघल को बंदरों ने गंभीर रूप से घायल कर दिया था। वसु सिंघल का लंबे अरसे से उपचार चल रहा है।
बंदरों के उत्पात और आतंक से निजात दिलाने की मांग को लेकर पूर्व सरपंच सतीश पांडेय ने राज्य के महामहिम राज्यपाल, मुख्यमंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव और निदेशक डी.एल.बी. को अलग-अलग पत्र लिखे हैं। उन्होंने व्यक्तिशः मुलाकात कर कस्बा भुसावर, सलैमपुर कलां, खेड़ली ब्राह्मण, मजाजपुर, शहजादपुरा और गढ़ी ब्राह्मण सहित ग्रामीण अंचल के आमजन को बंदरों के उत्पात और आतंक से राहत दिलाने के लिए तत्काल बंदरों को पकड़वाने की पुरजोर गुजारिश की है।
क्षेत्र में लगातार बढ़ती बंदरों की समस्या के बीच ग्रामीण अंचल के नागरिकों ने राहत के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

Mohan Joshi, Bharatpur
नाम: मोहन लाल जोशी
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: भरतपुर (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): तहसील रिपोर्टिंग, क्राइम (अपराध), एग्रीकल्चर फार्मिंग (कृषि), प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं जनसमस्याएं
परिचय एवं अनुभव
मोहन लाल जोशी को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में एक लंबा और विविध अनुभव है। वह वर्तमान में भरतपुर क्षेत्र से विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। उनके करियर का विवरण निम्नलिखित है:
- राजस्थान पत्रिका: इन्होंने 10 वर्षों तक राजस्थान पत्रिका में अपनी सेवाएं दी हैं, जहाँ मुख्य रूप से क्राइम, एग्रीकल्चर फार्मिंग और जन समस्याओं से संबंधित विषयों पर विस्तृत कवरेज की।
- ईटीवी राजस्थान (जयपुर): 14 साल पहले इन्होंने ईटीवी राजस्थान, जयपुर के साथ काम किया।
- शेर-ए-हिंदुस्तान: इस मीडिया संस्थान के साथ भी काम करने का अनुभव।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
मोहन लाल जोशी शैक्षणिक और तकनीकी रूप से पत्रकारिता में उच्च योग्यता रखते हैं:
- स्नातक (Graduation)
- बीजेएमसी (BJMC): बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन
- पीएचडी (Ph.D.): पत्रकारिता (Journalism) में उनकी पीएचडी वर्तमान में जारी है।
