मलमास के धार्मिक आयोजनों के समापन पर महिला भक्त मंडल ने किया भजन गायकों का सम्मान
भुसावर के लक्ष्मीनारायण मंदिर में मलमास के दौरान एक माह तक चले धार्मिक आयोजनों का भव्य समापन हुआ। महिला भक्त मंडल ने भजन गायकों और कलाकारों का सम्मान कर सनातन संस्कृति, भक्ति और सामाजिक समरसता का संदेश दिया।

भुसावर के लक्ष्मीनारायण मंदिर में आयोजित मलमास कार्यक्रमों के समापन पर महिला भक्त मंडल की संयोजिका व सदस्याएं भजन गायिकाओं और कलाकारों को स्मृति चिन्ह तथा उपहार भेंट कर सम्मानित करती हुईं।
धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक चेतना और भक्ति संगीत के अद्भुत संगम के बीच भुसावर कस्बे के लक्ष्मीनारायण मंदिर परिसर में आयोजित मलमास (पुरुषोत्तम मास) के विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का श्रद्धापूर्ण समापन हुआ। इस अवसर पर महिला भक्त मंडल द्वारा भजन गायन और संगीत साधना से जुड़े कलाकारों का सम्मान कर उन्हें स्मृति चिन्ह, वस्त्र एवं उपहार भेंट किए गए।
कस्बे के छोंकरबाड़ा सड़क मार्ग स्थित शैतान पाड़ा के पास स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर में अधिक मास के पावन अवसर पर एक माह तक नियमित रूप से धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों के दौरान महिला भक्त मंडल की सदस्याओं तथा भजन गायकों ने ढोलक, झांझ और मंजीरे की मधुर थाप पर हरि संकीर्तन एवं भक्ति गीतों की प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से समाज सुधार, आध्यात्मिक जागरूकता और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
आयोजन समिति की संयोजिका लता मित्तल, गायत्री देवी, सलोनी जिंदल, कृष्णा तथा अन्य सदस्याओं ने बताया कि पूरे माह आयोजित कार्यक्रमों में मीनाक्षी, सुंदरी, सुनीता, सीमा सैन और सुनीता सैनी सहित अन्य कलाकारों ने भक्ति रस से सराबोर प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। उनकी उत्कृष्ट कला, समर्पण और साधना को सम्मानित करने के लिए मंदिर परिसर में विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
महिला भक्त मंडल की सदस्याओं ने इस अवसर पर सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए समाज में सकारात्मक मूल्यों के प्रसार का आह्वान किया। उन्होंने कस्बे के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर धार्मिक और सांस्कृतिक जागरूकता का संदेश भी प्रसारित किया।
मलमास के दौरान आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों का समापन मंदिर में विशेष आरती के साथ हुआ, जिसके पश्चात श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई। भक्ति, संस्कृति और सामाजिक एकता के संदेश से परिपूर्ण यह आयोजन स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक प्रेरणा का केंद्र बना रहा।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
