भुसावर में दान की कद्र नहीं: प्याऊ और वाटर कूलर बने शोपीस, भामाशाहों की भावनाएं आहत
भरतपुर जिले के भुसावर में भामाशाहों द्वारा लगवाई गई प्याऊ और वाटर कूलर देखरेख के अभाव में बदहाल हैं। कहीं नल गायब हैं तो कहीं मशीनें खराब, जिससे राहगीर प्यासे रहने को मजबूर हैं। क्या जनसेवा का संकल्प सरकारी लापरवाही की भेंट चढ़ रहा है?

तस्वीर में भुसावर स्थित एक सार्वजनिक प्याऊ का वाटर कूलर दिख रहा है, जिसे लोहे की ग्रिल के पीछे रखा गया है।
भरतपुर जिले के ऐतिहासिक शहर भुसावर सहित उपखण्ड क्षेत्र मुख्यालय में भीषण गर्मी के बीच राहगीरों की प्यास बुझाने के लिए स्थापित की गई जन सुविधाएं बदहाल स्थिति में हैं। शहर के मुख्य मार्गों और सार्वजनिक स्थानों पर माता-पिता की स्मृति और जनसेवा के संकल्प के साथ भामाशाहों द्वारा लगवाई गई प्याऊ और वाटर कूलर आज देखरेख के अभाव में दम तोड़ रहे हैं। स्थिति यह है कि कहीं वाटर कूलर पूरी तरह खराब पड़े हैं, तो कहीं नलों की टोटियां तक गायब हैं। यह केवल सरकारी लापरवाही नहीं, बल्कि उन दानदाताओं की भावनाओं का अपमान है जिन्होंने बिना किसी स्वार्थ के जनहित में अपना योगदान दिया था।
भुसावर निवासी समाजसेवी विष्णु सैन की पड़ताल में यह खुलासा हुआ है कि शहर में कई प्याऊ लंबे समय से बंद पड़ी हैं। नियमित रखरखाव, निगरानी और जवाबदेही के अभाव में ये जन सुविधाएं केवल शोपीस बनकर रह गई हैं। इस उपेक्षापूर्ण स्थिति को लेकर समाजसेवी विष्णु सैन और मुस्कान एक पहल संस्था के संस्थापक अरविन्द मित्तल ने गहरी चिंता जताई है। उनका कहना है कि दान में मिली सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा और देखभाल करना सामूहिक जिम्मेदारी है। समाज जब दान की कद्र करेगा, तभी भामाशाह जनहित के कार्यों में योगदान देने के लिए भविष्य में प्रेरित होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल प्याऊ बनवाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि नियमित सफाई, पेयजल की गुणवत्ता की जांच, मरम्मत और निगरानी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अपील की है कि संबंधित संस्थाएं जनसुविधाओं को निरंतर संचालित रखने की जिम्मेदारी निभाएं, तभी भामाशाहों के दान का वास्तविक सम्मान हो सकेगा।
इस दुर्दशा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भुसावर कस्बे के हिण्डौन सड़क मार्ग स्थित प्राचीन कोठी वाले हनुमान जी मंदिर में सेठ गूजरमल अग्रवाल चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा 24 अप्रैल 2010 को जनहितार्थ जल मंदिर का निर्माण और लोकार्पण करवाया गया था, जो अब पूरी तरह बंद है। वहां लगा वाटर कूलर खराब पड़ा है और नलों की टोटियां भी गायब हैं, जबकि इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों यात्री गुजरते हैं। इसी प्रकार, कस्बे के पंजाबी गुरुद्वारा हनुमान जी मंदिर में लगा वाटर कूलर भी खराब स्थिति में है।

Mohan Joshi, Bharatpur
नाम: मोहन लाल जोशी
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: भरतपुर (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): तहसील रिपोर्टिंग, क्राइम (अपराध), एग्रीकल्चर फार्मिंग (कृषि), प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं जनसमस्याएं
परिचय एवं अनुभव
मोहन लाल जोशी को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में एक लंबा और विविध अनुभव है। वह वर्तमान में भरतपुर क्षेत्र से विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। उनके करियर का विवरण निम्नलिखित है:
- राजस्थान पत्रिका: इन्होंने 10 वर्षों तक राजस्थान पत्रिका में अपनी सेवाएं दी हैं, जहाँ मुख्य रूप से क्राइम, एग्रीकल्चर फार्मिंग और जन समस्याओं से संबंधित विषयों पर विस्तृत कवरेज की।
- ईटीवी राजस्थान (जयपुर): 14 साल पहले इन्होंने ईटीवी राजस्थान, जयपुर के साथ काम किया।
- शेर-ए-हिंदुस्तान: इस मीडिया संस्थान के साथ भी काम करने का अनुभव।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
मोहन लाल जोशी शैक्षणिक और तकनीकी रूप से पत्रकारिता में उच्च योग्यता रखते हैं:
- स्नातक (Graduation)
- बीजेएमसी (BJMC): बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन
- पीएचडी (Ph.D.): पत्रकारिता (Journalism) में उनकी पीएचडी वर्तमान में जारी है।
