भुसावर की अस्मिता पर प्रहार: नशे के सौदागरों और अंधेरे के खिलाफ युवाओं का हल्लाबोल, SDM को सौंपा ज्ञापन
भुसावर में भ्रष्टाचार और नशे के खिलाफ युवाओं ने खोला मोर्चा! SDM राधेश्याम मीणा को ज्ञापन सौंपकर बंद पड़ी तिरंगा लाइटों को ठीक कराने और मंदिरों के पास फल-फूल रहे नशे के अवैध कारोबार पर रोक लगाने की मांग की। गणतंत्र दिवस से पहले व्यवस्था सुधारने और लाइट प्रोजेक्ट की उच्च स्तरीय जांच के लिए युवाओं ने भरी हुंकार।

भुसावर की अस्मिता पर प्रहार: नशे के सौदागरों और अंधेरे के खिलाफ युवाओं का हल्लाबोल, SDM को सौंपा ज्ञापन
भुसावर। ऐतिहासिक विरासत और गौरवशाली परंपराओं को अपने आंचल में समेटे भुसावर कस्बे की फिजाओं में इन दिनों आक्रोश की लहर दौड़ रही है। भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी नागरिक सुविधाएं और मंदिरों की चौखट तक पहुंचे नशे के काले कारोबार ने स्थानीय युवाओं के सब्र का बांध तोड़ दिया है। मंगलवार को कस्बे के सजग युवाओं ने उपखण्ड अधिकारी राधेश्याम मीणा को एक तीखा ज्ञापन सौंपकर प्रशासनिक तंत्र की उदासीनता पर कड़े सवाल दागे और व्यवस्था सुधारने के लिए अल्टीमेटम दिया।
नित्यानंद तिवारी के ओजस्वी नेतृत्व में तहसील कार्यालय पहुंचे युवाओं ने स्पष्ट किया कि भुसावर वर्तमान में भ्रष्टाचार, नशे की बढ़ती लत और प्रशासनिक शिथिलता के त्रिकोणीय संकट से जूझ रहा है। ज्ञापन में सबसे प्रमुख मुद्दा कस्बे के सौंदर्य और देशभक्ति के प्रतीक 'तिरंगा लाइटों' का उठाया गया। युवाओं ने आरोप लगाया कि लाखों रुपये के सार्वजनिक धन से लगाई गई ये लाइटें आज बंद पड़ी हैं, जो सीधे तौर पर घटिया सामग्री के इस्तेमाल और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती हैं। आगामी गणतंत्र दिवस के पावन पर्व को देखते हुए इन लाइटों को तत्काल दुरुस्त करने की मांग की गई है। साथ ही, इस पूरी परियोजना की गुणवत्ता और बजट व्यय की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग भी पुरजोर तरीके से रखी गई है।
मामला केवल बंद पड़ी लाइटों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक ताने-बाने पर प्रहार कर रहे नशे के अवैध व्यापार ने भी गहरी चिंता पैदा कर दी है। युवाओं ने उपखण्ड अधिकारी को अवगत कराया कि क्षेत्र के पवित्र मंदिरों और धार्मिक स्थलों के इर्द-गिर्द असामाजिक तत्वों ने अपना जाल बिछा लिया है। ये तत्व खुलेआम नशे का व्यापार कर रहे हैं, जिससे कस्बे की युवा पीढ़ी बर्बादी की कगार पर है। विडंबना यह है कि जब भी जागरूक नागरिक या युवा इन असामाजिक तत्वों को रोकने का प्रयास करते हैं, तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियां दी जाती हैं।
इस विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान कस्बे की एकजुटता दिखाई दी, जिसमें आशुतोष, शुभम, नित्यानंद, संजय, मयंक, विवेक, मनीष, कुणाल, नरसी, आदित्य, आकाश, भरत, सुमित, दीपक, शरद, प्रिंस और कुच्ची सहित बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे। युवाओं के इस सामूहिक स्वर ने प्रशासन को यह कड़ा संदेश दिया है कि यदि शीघ्र ही तिरंगा लाइटों को चालू नहीं किया गया और नशे के सौदागरों पर शिकंजा नहीं कसा गया, तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप धारण कर सकता है। अब देखना यह है कि प्रशासन गणतंत्र दिवस से पहले भुसावर की सड़कों को रोशन कर पाता है या नहीं।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
