भुसावर की मानवता: अपनाघर आश्रम के 'प्रभुओं' के लिए उमड़ा जनसहयोग, राशन की बड़ी खेप रवाना
भुसावर अपनाघर सेवा समिति ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए भरतपुर अपनाघर आश्रम के लिए 2480 किलो चावल, तेल और नमक की बड़ी खेप रवाना की। अध्यक्ष राजकुमार बंसल सहित समिति सदस्यों ने असहायों की सेवा का संकल्प लिया। जानिए कैसे जनसहयोग से संवर रही है बेसहारा 'प्रभुओं' की जिंदगी और कौन-कौन रहा इस पुनीत कार्य में शामिल।

भुसावर (भरतपुर)। मानवता की सेवा ही ईश्वर की सच्ची आराधना है, और इसी संकल्प को चरितार्थ करते हुए भुसावर की धरा से सेवा की एक अनुपम मिसाल पेश की गई है। बेसहारा और लावारिसों के एकमात्र संबल 'अपनाघर आश्रम' के लिए भुसावर से मदद का कारवां बुधवार को पूरे उत्साह के साथ रवाना हुआ। अपनाघर सेवा समिति भुसावर के तत्वावधान में क्षेत्र के दानदाताओं के सहयोग से हजारों किलोग्राम खाद्य सामग्री एकत्रित कर भरतपुर स्थित मां माधुरी बृज वारिस सेवा सदन भेजी गई, ताकि आश्रम में उपचाराधीन और निवासरत 'प्रभुओं' की सेवा में कोई कमी न रहे।
समिति के कार्यालय से सामग्री रवानगी का दृश्य अत्यंत भावुक और प्रेरणादायी रहा। कार्यक्रम के दौरान अपनाघर सेवा समिति के अध्यक्ष राजकुमार बंसल ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि भरतपुर अपनाघर आश्रम उन दीन-दुखियों, दिव्यांगों और असहायों का आशियाना है, जिनका इस दुनिया में कोई सहारा नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे पुनीत कार्य में समाज के हर व्यक्ति को अपनी सामर्थ्य अनुसार सहभागिता निभानी चाहिए, क्योंकि नर सेवा ही नारायण सेवा है। इस नेक कार्य का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आश्रम में रह रहा कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे।
इस सेवा यात्रा के अंतर्गत 82 कट्टों में भरा 2480 किलोग्राम चावल, 8 पीपे (120 किलोग्राम) शुद्ध सरसों का तेल और 6 कट्टे (150 किलोग्राम) नमक वाहन के जरिए रवाना किया गया। खाद्य सामग्री से भरे इस वाहन को समिति के सदस्य पप्पू धाकड़ ने हरी झंडी दिखाकर भरतपुर के लिए विदा किया। गौरतलब है कि यह समिति का पहला प्रयास नहीं है; इससे पूर्व भी प्रथम खेप के रूप में 191 कट्टा चावल (5730 किलोग्राम) और 14 किलोग्राम मूंग दाल आश्रम भेजी जा चुकी है। रवानगी के समय सभी सदस्यों ने सामूहिक रूप से आश्रम में भर्ती असहायों की निरंतर सेवा करने का दृढ़ संकल्प भी लिया।
इस गरिमामयी अवसर पर अपनाघर सेवा समिति के संरक्षक मनीराम धाकड़, सीमा लवली, बृज लाल सैनी, उपाध्यक्ष अशोक भारती, शेर सिंह सैनी, राजेश गुप्ता और रामकिशन कोली सहित अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। भुसावर समिति की यह पहल न केवल भरतपुर के अपनाघर आश्रम के लिए एक बड़ा संबल बनी है, बल्कि समाज में एकजुटता और परोपकार की भावना को भी मजबूती प्रदान कर रही है।

Mohan Joshi, Bharatpur
नाम: मोहन लाल जोशी
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: भरतपुर (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): तहसील रिपोर्टिंग, क्राइम (अपराध), एग्रीकल्चर फार्मिंग (कृषि), प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं जनसमस्याएं
परिचय एवं अनुभव
मोहन लाल जोशी को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में एक लंबा और विविध अनुभव है। वह वर्तमान में भरतपुर क्षेत्र से विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। उनके करियर का विवरण निम्नलिखित है:
- राजस्थान पत्रिका: इन्होंने 10 वर्षों तक राजस्थान पत्रिका में अपनी सेवाएं दी हैं, जहाँ मुख्य रूप से क्राइम, एग्रीकल्चर फार्मिंग और जन समस्याओं से संबंधित विषयों पर विस्तृत कवरेज की।
- ईटीवी राजस्थान (जयपुर): 14 साल पहले इन्होंने ईटीवी राजस्थान, जयपुर के साथ काम किया।
- शेर-ए-हिंदुस्तान: इस मीडिया संस्थान के साथ भी काम करने का अनुभव।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
मोहन लाल जोशी शैक्षणिक और तकनीकी रूप से पत्रकारिता में उच्च योग्यता रखते हैं:
- स्नातक (Graduation)
- बीजेएमसी (BJMC): बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन
- पीएचडी (Ph.D.): पत्रकारिता (Journalism) में उनकी पीएचडी वर्तमान में जारी है।
