भुसावर की मानवता की मिसाल: अपनाघर आश्रम भरतपुर के 'प्रभुओं' के लिए उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, भेजा 5730 किलो राशन
भुसावर अपनाघर सेवा समिति ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए भरतपुर अपनाघर आश्रम के निराश्रित प्रभुजनों के लिए 5730 किलो चावल और मूंग दाल की बड़ी खेप भेजी है। राजेंद्र मित्तल व पदाधिकारियों ने असहायों की सेवा का संकल्प लिया। जानिए कैसे जनसहयोग से भुसावर ने पेश की सेवा की अनूठी मिसाल और क्या है समिति की अगली योजना।

भुसावर (भरतपुर)। मानवता की सेवा ही ईश्वर की सच्ची आराधना है, और इसी संकल्प को चरितार्थ करते हुए भुसावर की धरा से सेवा का एक अनूठा कारवां भरतपुर के लिए रवाना हुआ। अपनाघर सेवा समिति भुसावर ने एक बार फिर संवेदनाओं की नई इबारत लिखते हुए मां माधुरी बृज वारिस सेवा सदन द्वारा संचालित 'अपनाघर आश्रम' भरतपुर के निराश्रित और असहाय 'प्रभुओं' के लिए भारी मात्रा में खाद्य सामग्री एकत्रित कर भेजी है। गुरुवार को राजामंडी गणेश मंदिर परिसर में जब 191 कट्टों से लदा वाहन रवाना हुआ, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें सेवा भाव से नम थीं और मन में नर-सेवा को नारायण-सेवा मानने का अटूट विश्वास था।
इस पुनीत कार्य का नेतृत्व कर रहे अपनाघर सेवा समिति के संरक्षक राजेंद्र मित्तल ने इस अवसर पर भावुक होते हुए कहा कि समाज के उन दीन-दुखियों और बेसहारा लोगों की सेवा करना, जिनका इस दुनिया में कोई सहारा नहीं है, सबसे बड़ा पुण्य है। उन्होंने बताया कि जनसहयोग के माध्यम से एकत्रित किए गए कुल 5730 किलोग्राम चावल (191 कट्टा) और 14 किलोग्राम मूंग दाल को आश्रम में निवास कर रहे प्रभुजनों की उदर पूर्ति के लिए समर्पित किया गया है। मित्तल ने समाज के हर वर्ग से आह्वान किया कि इस तरह के कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए ताकि कोई भी व्यक्ति अभाव में भूखा न रहे। उनके अनुसार, 'अपनाघर' मात्र एक छत नहीं बल्कि उन लावारिस और असहाय लोगों का सच्चा आशियाना है जिन्हें समाज ने बिसरा दिया है।
कार्यक्रम का शुभारंभ बेहद गरिमामयी ढंग से हुआ, जहाँ समिति के वयोवृद्ध सदस्य शेर सिंह सैनी ने खाद्य सामग्री से भरे वाहन को हरी झंडी दिखाकर भरतपुर के लिए विदा किया। इस दौरान वातावरण में सेवा और समर्पण के नारे गूंज उठे। कार्यक्रम के दौरान समिति के अध्यक्ष राज कुमार बंसल, कोषाध्यक्ष अरविन्द बंसल, उपाध्यक्ष अशोक भारती और डॉ. आर एस पचहरा सहित कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। इन सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने न केवल सामग्री रवाना की, बल्कि सामूहिक रूप से यह संकल्प भी लिया कि वे भविष्य में भी आश्रम में भर्ती असहायों की सेवा के लिए निरंतर तत्पर रहेंगे। संरक्षक राजेंद्र मित्तल ने यह भी स्पष्ट किया कि सेवा का यह सिलसिला यहीं थमने वाला नहीं है और जल्द ही खाद्य सामग्री की दूसरी खेप भी एकत्रित कर आश्रम भेजी जाएगी। यह आयोजन समाज के लिए एक प्रेरणा बन गया है, जो यह संदेश देता है कि सामूहिक प्रयासों से मानवता की रक्षा का संकल्प सिद्ध किया जा सकता है।

Mohan Joshi, Bharatpur
नाम: मोहन लाल जोशी
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: भरतपुर (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): तहसील रिपोर्टिंग, क्राइम (अपराध), एग्रीकल्चर फार्मिंग (कृषि), प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं जनसमस्याएं
परिचय एवं अनुभव
मोहन लाल जोशी को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में एक लंबा और विविध अनुभव है। वह वर्तमान में भरतपुर क्षेत्र से विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। उनके करियर का विवरण निम्नलिखित है:
- राजस्थान पत्रिका: इन्होंने 10 वर्षों तक राजस्थान पत्रिका में अपनी सेवाएं दी हैं, जहाँ मुख्य रूप से क्राइम, एग्रीकल्चर फार्मिंग और जन समस्याओं से संबंधित विषयों पर विस्तृत कवरेज की।
- ईटीवी राजस्थान (जयपुर): 14 साल पहले इन्होंने ईटीवी राजस्थान, जयपुर के साथ काम किया।
- शेर-ए-हिंदुस्तान: इस मीडिया संस्थान के साथ भी काम करने का अनुभव।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
मोहन लाल जोशी शैक्षणिक और तकनीकी रूप से पत्रकारिता में उच्च योग्यता रखते हैं:
- स्नातक (Graduation)
- बीजेएमसी (BJMC): बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन
- पीएचडी (Ph.D.): पत्रकारिता (Journalism) में उनकी पीएचडी वर्तमान में जारी है।
