भुसावर। राजस्थान के कृषि परिदृश्य में जल संरक्षण और भू-स्तर सुधार की दिशा में चल रहे प्रयासों का जायजा लेने शनिवार को जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग के निदेशक मुहम्मद जुनैद (आईएएस) भुसावर पहुंचे। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 (PMKSY) के तहत पंचायत समिति भुसावर में हुए विभिन्न कार्यों का गहन निरीक्षण करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि जलग्रहण के इन कार्यों का वास्तविक उद्देश्य आमजन और किसानों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाना है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने न केवल निर्मित ढांचों की गुणवत्ता जांची, बल्कि सीधे खेत की मेड़ पर खड़े होकर लाभार्थियों से संवाद कर योजना के जमीनी प्रभाव को भी महसूस किया।

अभियान की शुरुआत ग्राम पंचायत भैंसीना से हुई, जहां निदेशक जुनैद ने एनआरएम मद के अंतर्गत निर्मित दो फार्म पॉण्ड (खेत तलाई) का सूक्ष्म निरीक्षण किया। वहां उपस्थित लाभार्थी किसान हरी मीणा ने उत्साहपूर्वक निदेशक को बताया कि वर्षा जल संचयन की इस तकनीक ने उनकी खेती का स्वरूप बदल दिया है। मीणा ने साझा किया कि इस फार्म पॉण्ड में जमा पानी से वे अब लगभग 12-15 बीघा भूमि की सुचारू रूप से सिंचाई कर पा रहे हैं, जिससे उनकी फसल की पैदावार में आशातीत वृद्धि हुई है। किसानों की सफलता देख निदेशक ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि क्षेत्र में जल संरक्षण की महती आवश्यकता है, अतः अधिक से अधिक कृषकों को इन योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि फार्म पॉण्ड और रिचार्ज शाफ्ट जैसे कार्यों में गुणवत्ता और निर्धारित मापदंडों से कोई समझौता नहीं होना चाहिए, ताकि स्थानीय जनता को इनका दीर्घकालिक लाभ मिल सके।

निदेशक ने भैंसीना चारागाह में निर्मित रिचार्ज शाफ्ट का भी अवलोकन किया। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इन संरचनाओं के कारण क्षेत्र के भू-जल स्तर में सुधार दिखने लगा है, जो भविष्य के लिए एक शुभ संकेत है। इसके उपरांत, उन्होंने उत्पादन गतिविधि के तहत वितरित स्प्रेयर और फीडिंग मैनेजर का लाभ उठा रहे किसानों से वार्ता की। योजना की सफलता से गदगद कृषकों ने इस पहल की सराहना की और निदेशक से मांग की कि भविष्य में भी इस तरह की अन्य परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की जाए ताकि कृषि क्षेत्र को आधुनिक और सुदृढ़ बनाया जा सके।

निरीक्षण का यह क्रम महतौली तक विस्तृत रहा, जहां उन्होंने महाविद्यालय में आरटीडब्ल्यूएचएस के अंतर्गत निर्मित मय रिचार्ज शाफ्ट का जायजा लिया। इसके अतिरिक्त, ग्राम पंचायत के प्रवेश बिंदु पर जनसुविधा के लिए बनाए गए यात्री प्रतीक्षालय और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने वाले ओपन जिम का भी अवलोकन किया गया। यह दौरा केवल तकनीकी निरीक्षण तक सीमित नहीं था, बल्कि विकास के उन आयामों को परखने का जरिया बना जो सीधे तौर पर ग्रामीण बुनियादी ढांचे से जुड़े हैं।

इस महत्वपूर्ण निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान निदेशक के साथ विभाग के अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) रिछपाल सिंह, भरतपुर संभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता इन्द्रजीत निमेश, अधीक्षण अभियंता (जलग्रहण) करतार सिंह, अधिशाषी अभियंता गोपाल लाल मीना, सहायक अभियंता अभिषेक पाण्डे एवं नीरज चाहर, कनिष्ठ अभियंता शिवशंकर तथा भैंसीना प्रशासक राहुल तिवारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और काश्तकार उपस्थित रहे। अधिकारियों का यह जमावड़ा और लाभार्थियों का उत्साह इस बात का प्रमाण है कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना भुसावर के शुष्क क्षेत्रों के लिए संजीवनी सिद्ध हो रही है।

Pratahkal Newsroom

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