भुसावर: नंगला नाथू के प्राचीन हनुमान मंदिर में गूंजे रामायण के स्वर, विशाल भंडारे में उमड़ी श्रद्धा की लहर
भुसावर के नंगला नाथू स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में अखंड रामायण पाठ और हवन के बाद विशाल भंडारे का आयोजन हुआ। पंडित सुशील भारद्वाज के नेतृत्व में हुए इस धार्मिक समागम में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। भक्तिमय भजनों और दिव्य श्रृंगार के बीच ग्रामीणों ने विश्व शांति की कामना की। सांस्कृतिक एकता और भाईचारे को बढ़ावा देने वाले इस भव्य आयोजन की पूरी विस्तृत रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

भुसावर। भक्ति, शक्ति और अटूट श्रद्धा के संगम के साथ ग्राम नंगला नाथू के प्राचीन हनुमान मंदिर में आयोजित दो दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर समूचा क्षेत्र मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम और संकटमोचन हनुमान के जयकारों से गुंजायमान रहा। पंडित सुशील भारद्वाज के सान्निध्य में आयोजित इस आध्यात्मिक समागम में रामायण पाठ की पूर्णाहुति के बाद आयोजित विशाल भंडारे में जन सैलाब उमड़ पड़ा, जो ग्रामीण एकता और अटूट विश्वास की एक अनुपम मिसाल बन गया।
आयोजन का शुभारंभ दो दिन पूर्व अखंड रामायण पाठ के साथ हुआ था, जिसके समापन पर शनिवार को विशेष पूजा-अर्चना और हवन का आयोजन किया गया। पंडित सुशील भारद्वाज के नेतृत्व में हुए इस हवन में श्रद्धालुओं ने सपरिवार आहुतियां देकर विश्व शांति और जनकल्याण की कामना की। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी और सुगंधित पुष्पों से अत्यंत भव्य रूप में सजाया गया था, जबकि हनुमान जी की प्रतिमा का अलौकिक श्रृंगार भक्तों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। अलसुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें बाबा के दर्शन के लिए लगी रहीं, जहाँ महिलाओं द्वारा किए गए भजन-कीर्तन ने संपूर्ण वातावरण को भक्तिरस में सराबोर कर दिया।
धार्मिक अनुष्ठान की परिणति एक विशाल 'पंगत प्रसादी' (भंडारे) के रूप में हुई, जिसमें हजारों की संख्या में भक्तों ने श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण किया। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में मंदिर कमेटी के साथ-साथ समस्त ग्रामवासियों का सक्रिय योगदान रहा। विशेष रूप से वीरेन्द्र फौजदार, भोला, भण्डारी, टिकेन्द्र, कप्तान, सिंह, प्रेम सिंह, चेती, पिन्टू और महंत विश्रामदास जैसे सेवाभावी लोगों ने व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पंडित भारद्वाज ने इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन न केवल हमारी समृद्ध सभ्यता और संस्कृति को जीवंत रखते हैं, बल्कि समाज में आपसी भाईचारे और सद्भाव को भी सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि आने वाली पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने के लिए समय-समय पर सामूहिक धार्मिक आयोजनों की आवश्यकता है। नंगला नाथू में हुआ यह भव्य समागम न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि इसने सामाजिक समरसता का एक सशक्त संदेश भी प्रसारित किया।

Mohan Joshi, Bharatpur
नाम: मोहन लाल जोशी
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: भरतपुर (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): तहसील रिपोर्टिंग, क्राइम (अपराध), एग्रीकल्चर फार्मिंग (कृषि), प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं जनसमस्याएं
परिचय एवं अनुभव
मोहन लाल जोशी को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में एक लंबा और विविध अनुभव है। वह वर्तमान में भरतपुर क्षेत्र से विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। उनके करियर का विवरण निम्नलिखित है:
- राजस्थान पत्रिका: इन्होंने 10 वर्षों तक राजस्थान पत्रिका में अपनी सेवाएं दी हैं, जहाँ मुख्य रूप से क्राइम, एग्रीकल्चर फार्मिंग और जन समस्याओं से संबंधित विषयों पर विस्तृत कवरेज की।
- ईटीवी राजस्थान (जयपुर): 14 साल पहले इन्होंने ईटीवी राजस्थान, जयपुर के साथ काम किया।
- शेर-ए-हिंदुस्तान: इस मीडिया संस्थान के साथ भी काम करने का अनुभव।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
मोहन लाल जोशी शैक्षणिक और तकनीकी रूप से पत्रकारिता में उच्च योग्यता रखते हैं:
- स्नातक (Graduation)
- बीजेएमसी (BJMC): बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन
- पीएचडी (Ph.D.): पत्रकारिता (Journalism) में उनकी पीएचडी वर्तमान में जारी है।
