भुसावर भगवामय: जगन्नाथ पहाड़िया विद्यालय में गूंजा एकता का स्वर, संतों ने दिया सामाजिक समरसता का मंत्र
भुसावर के श्री जगन्नाथ पहाड़िया विद्यालय में आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन में संतों ने दिया सामाजिक एकता का संदेश। हुंकारेश्वर मंदिर से निकली भव्य भगवा यात्रा और सांस्कृतिक झांकियों ने मोहा मन। जानिए कैसे शिवयोगी संत श्री रूद्रनाथ महाकाल के सानिध्य में गूंजा सनातन का स्वर और 1 फरवरी को जिंदल फार्म हाउस पर होने वाले आगामी विशाल आयोजन की पूरी जानकारी। समाज को एकजुट करने वाली इस खबर का विस्तृत कवरेज पढ़ें।

भुसावर। आस्था, उत्साह और सनातन संस्कृति के जयकारों के बीच भुसावर कस्बा उस समय पूरी तरह भगवा रंग में रंगा नजर आया, जब श्री जगन्नाथ पहाड़िया राजकीय विद्यालय के क्रीड़ा मैदान में विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन हुआ। आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक एकता का शंखनाद करते इस विशाल समागम में न केवल धर्म की बयार बही, बल्कि समाज को एक सूत्र में पिरोने का सशक्त संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम का वातावरण उस समय और भी दिव्य हो गया, जब मुख्य अतिथि के रूप में पधारे शिवयोगी संत श्री रूद्रनाथ महाकाल विशाल जी महाराज ने मंच की शोभा बढ़ाई।
आयोजन की भव्यता का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि सम्मेलन से पूर्व कस्बे के बस स्टैंड स्थित प्राचीन हुंकारेश्वर महादेव मंदिर से एक विशाल भगवा यात्रा निकाली गई। हाथों में ध्वज और जुबां पर जय श्रीराम के उद्घोष के साथ जब यह यात्रा मुख्य मार्गों से गुजरी, तो पूरा नगर धर्ममय हो गया। मुख्य कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। मंच पर विशिष्ट अतिथियों के रूप में महेंद्र सिंह मग्गो, वयोवृद्ध स्वयंसेवक कुंजबिहारी शर्मा, वरिष्ठ स्वतंत्रता सेनानी ओमप्रकाश पाण्डेय और डॉ. शैलेंद्र उपस्थित रहे, जिन्होंने सनातन मूल्यों पर अपने विचार रखे।
सम्मेलन के दौरान नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत की गई सांस्कृतिक झांकियों ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। देवी-देवताओं और महापुरुषों के स्वरूप में सजे बालकों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा और समाज के लिए प्रेरक संदेशों का जीवंत चित्रण किया। वक्ताओं ने अपने उद्बोधन में हिन्दू समाज से एकजुट रहने का पुरजोर आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि तिलक लगाना, सामूहिक भजन करना और पंगत में बैठकर भोजन करना केवल रस्में नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और भाईचारे को सुदृढ़ करने के सशक्त माध्यम हैं। मातृ शक्ति को संस्कारों की आधारशिला बताते हुए वक्ताओं ने कहा कि परिवार और समाज में सनातन मूल्यों का संरक्षण माताओं के योगदान के बिना संभव नहीं है।
सैकड़ों की संख्या में उमड़े जनसैलाब ने संतों और विद्वानों के विचारों को गंभीरता से सुना। कार्यक्रम के अंतिम चरण में सनातन धर्म और समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले समर्पित सनातनियों को सम्मानित किया गया, जिससे उपस्थित युवाओं में भी सेवा कार्य के प्रति प्रेरणा का संचार हुआ। प्रसादी वितरण के साथ इस भव्य आयोजन का समापन हुआ। इस अवसर पर आयोजकों द्वारा एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की गई कि धर्म की यह अलख यहीं नहीं थमेगी, बल्कि आगामी 1 फरवरी को भुसावर के जिंदल फार्म हाउस पर एक और विराट हिन्दू सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें मौनी बाबा का पावन सानिध्य भक्तों को प्राप्त होगा। यह आयोजन कस्बे में सामाजिक एकता की नई इबारत लिखने में सफल रहा।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
