भुसावर। कस्बा स्थित बस स्टैंड के समीप संचालित कनिष्ठ अभियंता कार्यालय इन दिनों एक बड़े खतरे का केंद्र बना हुआ है। कार्यालय परिसर में स्थित विशालकाय और हाई-वोल्टेज बिजली के ट्रांसफार्मर खुले आसमान के नीचे असुरक्षित अवस्था में पड़े हैं, जिससे कभी भी कोई बड़ी अनहोनी घटित हो सकती है। कार्यालय की जर्जर चारदीवारी और मुख्य गेट पर फाटक या किसी भी प्रकार के अवरोध का न होना स्थानीय निवासियों और राहगीरों के लिए चिंता का विषय बन गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूर्व सरपंच सतीश पांडे ने मोर्चा खोलते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूर्व सरपंच सतीश पांडे ने सूबे के मुख्यमंत्री, जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JVVNL) के प्रबंध निदेशक और भरतपुर के अधीक्षण अभियंता को अलग-अलग पत्र प्रेषित किए हैं। इन पत्रों के माध्यम से उन्होंने अवगत कराया है कि कनिष्ठ अभियंता कार्यालय में रखे भारी-भरकम बिजली उपकरणों के पास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। चारदीवारी टूटी होने के कारण सांड, गाय, भैंस और सुअर जैसे आवारा पशु बेरोकटोक परिसर के भीतर घुस जाते हैं। चूंकि ये ट्रांसफार्मर सक्रिय रहते हैं, ऐसे में पशुओं या किसी अनजान व्यक्ति के इनके संपर्क में आने से जानलेवा दुर्घटना होने का अंदेशा हर पल बना रहता है।

सतीश पांडे ने अपने शिकायती पत्र में जोर देकर कहा है कि जनहित और सुरक्षा को ताक पर रखकर विभाग इस ओर से आंखें मूंदे बैठा है। उन्होंने मांग की है कि परिसर की चारदीवारी की तत्काल मरम्मत कराई जाए और मुख्य द्वार पर एक मजबूत बड़ा दरवाजा या बैरिकेडिंग लगवाई जाए ताकि अनाधिकृत प्रवेश को रोका जा सके। यह मुद्दा केवल विभाग की लापरवाही का नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर प्रश्न है। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री और बिजली विभाग के उच्च अधिकारी इस गुहार पर कितनी जल्दी संज्ञान लेते हैं या फिर किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही प्रशासन की नींद टूटेगी।

Pratahkal Bureau

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