भुसावर: स्वदेशी के जयघोष के साथ बेटियों ने भरी हुंकार, विवेकानंद जयंती पर जागरूकता रैली ने जगाई अलख
भुसावर के छौंकरवाडा कलां में राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष्य में राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं ने 'रन फॉर स्वदेशी' थीम पर भव्य जागरूकता रैली निकाली। स्वामी विवेकानंद जयंती पर आयोजित इस सात दिवसीय कार्यक्रम में निबंध और पेंटिंग प्रतियोगिता सहित कई आयोजन हुए, जिसमें छात्राओं ने आत्मनिर्भर भारत का संदेश दिया।

भुसावर (भरतपुर)। आधुनिक भारत के निर्माता स्वामी विवेकानंद के विचारों की प्रासंगिकता आज भी उतनी ही जीवंत है, जितनी सदियों पहले थी। इसी वैचारिक ऊर्जा को आत्मसात करते हुए उपखंड क्षेत्र के गांव छौंकरवाडा कलां में राष्ट्रीय युवा दिवस का उत्सव जन-चेतना के महासंग्राम में बदल गया। राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं ने अपनी प्रखर आवाज और बुलंद इरादों से पूरे क्षेत्र को 'स्वदेशी' के रंग में सराबोर कर दिया। 5 जनवरी से शुरू हुआ यह सात दिवसीय वैचारिक अनुष्ठान सोमवार, 12 जनवरी को एक भव्य जागरूकता रैली के साथ संपन्न हुआ, जिसने न केवल स्वामी जी की स्मृतियों को ताजा किया बल्कि भावी पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण का संकल्प भी दिलाया।
प्रधानाचार्य अपर्णा शर्मा के कुशल निर्देशन में आयोजित इस सात दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा बेहद व्यापक रही। उत्सव का आगाज जहां निबंध प्रतियोगिता और पेंटिंग के जरिए छात्राओं की रचनात्मकता को निखारने से हुआ, वहीं विधिक जागरूकता शिविरों के माध्यम से उन्हें उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सचेत किया गया। आयोजनों की इसी कड़ी का चरम स्वरूप सोमवार को देखने को मिला, जब विद्यालय की 64 छात्राओं ने सामूहिक शक्ति का प्रदर्शन करते हुए गांव के परिक्रमा मार्ग पर एक विशाल जागरूकता रैली निकाली। 'रन फॉर स्वदेशी' की थीम पर आधारित इस रैली में बेटियां हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां थामे हुए आधुनिक समाज को आत्मनिर्भरता का संदेश दे रही थीं।
रैली का दृश्य अत्यंत प्रभावी था, जहां हवा में गूंजते राष्ट्रभक्ति के नारों और स्वदेशी अपनाने की अपील ने ग्रामीणों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। छात्राओं के हाथों में मौजूद तख्तियां युवा पीढ़ी को पश्चिमी चकाचौंध से दूर हटकर अपनी जड़ों और भारतीयता की ओर लौटने के लिए प्रेरित कर रही थीं। इस गौरवशाली क्षण का हिस्सा बनते हुए प्रधानाचार्य अपर्णा शर्मा, वरिष्ठ अध्यापिका कमला पाण्डेय, सोनम जैन, नेहा सिंघल, निधि शर्मा, उर्मिला मीणा और सचिन सिंह ने छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। साथ ही, कृष्णा चौधरी, उजाला सोलंकी, करीना मीणा, वंशिका, गौतम और सलोनी जैसी छात्राओं ने अपनी सक्रिय भागीदारी से इस आयोजन को सफल बनाया। यह रैली केवल एक औपचारिक भ्रमण नहीं, बल्कि बदलते भारत की उस युवा शक्ति का प्रतिबिंब थी, जो अपनी संस्कृति को ढाल बनाकर भविष्य की चुनौतियों का सामना करने को तैयार है।

