भुसावर: जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार का खेल, कागजों में दौड़ रहा पानी और सड़कों पर बिखरा आक्रोश
भुसावर के भैंसीना और गाजीपुर में जल जीवन मिशन में भारी भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों ने एसडीएम राधेश्याम मीणा को ज्ञापन सौंपा। टूटी सड़कें, क्षतिग्रस्त पानी की टंकी और कागजों में सिमटी जलापूर्ति योजना ने जनता का जीना मुहाल कर दिया है। जानिए कैसे विकास के नाम पर सरकारी धन की बर्बादी और लापरवाही ने ग्रामीणों की जान को जोखिम में डाला है।

भुसावर। विकास के दावों और सरकारी फाइलों के बीच जब भ्रष्टाचार की दीमक लगती है, तो बुनियादी सुविधाएं जनता के लिए मुसीबत का सबब बन जाती हैं। भरतपुर जिले के भुसावर उपखण्ड में जल जीवन मिशन (JJM) की हकीकत कुछ ऐसी ही बयां हो रही है। यहाँ ग्राम पंचायत भैंसीना और गाजीपुर के ग्रामीणों का धैर्य आखिरकार जवाब दे गया, जिसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण उपखण्ड अधिकारी कार्यालय पहुँचे। ग्रामीणों ने एसडीएम राधेश्याम मीणा को एक शिकायती पत्र सौंपकर योजना में व्याप्त भारी अनियमितताओं, घटिया निर्माण और करोड़ों के भ्रष्टाचार की ओर ध्यान आकर्षित किया है। यह मामला केवल सरकारी धन के दुरुपयोग का नहीं, बल्कि आमजन के जीवन को जोखिम में डालने वाली घोर लापरवाही का भी है।
घटनाक्रम के अनुसार, ग्राम पंचायत भैंसीना के खदराया मार्ग और गाजीपुर गांव में जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन डालने के नाम पर सड़कों को बेरहमी से खोदकर छोड़ दिया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से सड़कों को क्षतिग्रस्त तो कर दिया गया, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी उनका पुनर्निर्माण नहीं हुआ। भैंसीना ग्राम पंचायत द्वारा कार्य हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी किए जाने के बावजूद आज तक धरातल पर सुधार नजर नहीं आ रहा है। आलम यह है कि टूटी सड़कों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं और पूरी सड़क गंदगी के दलदल में तब्दील हो चुकी है, जिससे स्थानीय निवासियों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है।
शिकायत के केंद्र में सबसे गंभीर मुद्दा भैंसीना और गाजीपुर में बने जल ढांचे हैं। भैंसीना में पानी की टंकी बनकर तैयार है, लेकिन विडंबना देखिए कि पाइपलाइन का जाल अब तक नहीं बिछाया गया और न ही घरों तक नल के कनेक्शन पहुँचे हैं। ट्यूबवेल खुदवा दिए गए हैं, मगर उनमें मोटर तक नहीं डाली गई है, जिससे पूरी योजना महज कागजी घोड़ों तक सीमित रह गई है। इससे भी अधिक चौंकाने वाला मामला गाजीपुर गांव से सामने आया है, जहाँ भ्रष्टाचार की इंतहा यह रही कि नई बनी पानी की टंकी निर्माण के तुरंत बाद ही भरभरा कर टूट गई। यह घटना सीधे तौर पर निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और अधिकारियों की निगरानी पर बड़े सवाल खड़े करती है।
उपखण्ड अधिकारी राधेश्याम मीणा को सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि 15 से 20 दिनों में एक बार आने वाला पानी और टूटी हुई सड़कें जनता के लिए जानलेवा साबित हो रही हैं। भ्रष्टाचार और लापरवाही के इस गठजोड़ ने सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर विफल कर दिया है। ग्रामीणों ने अब प्रशासन से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करने, दोषी ठेकेदारों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने तथा क्षतिग्रस्त सड़कों एवं जलापूर्ति व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने की मांग की है। यह विरोध प्रदर्शन इस बात का प्रतीक है कि जब विकास के नाम पर जनता के साथ छलावा होता है, तो आक्रोश की गूँज शासन के गलियारों तक पहुँचना लाजमी है।

Pratahkal Newsroom
प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
