भुसावर: अलीपुर में मिला दुर्लभ विदेशी मेहमान, वन विभाग ने रेस्क्यू कर सुरक्षित पहुँचाया केवलादेव नेशनल पार्क
भरतपुर के भुसावर में वन विभाग की टीम ने अलीपुर गाँव से एक दुर्लभ विदेशी पक्षी 'ग्रे हेरॉन' का सफल रेस्क्यू किया। नदबई रेंजर राजेश शर्मा और वन पाल रेणु वाला के नेतृत्व में केशव सिंह और शिवराम सिंह ने पक्षी को बचाकर प्राथमिक उपचार के बाद सुरक्षित घना पक्षी विहार पहुँचाया। जानिए इस दुर्लभ प्रवासी पक्षी के रेस्क्यू की पूरी कहानी।

भुसावर। राजस्थान के भरतपुर जिले में वन्यजीवों के संरक्षण की दिशा में वन विभाग ने एक सराहनीय तत्परता दिखाई है। भुसावर क्षेत्र के निकटवर्ती गाँव अलीपुर में गुरुवार को एक दुर्लभ विदेशी पक्षी मिलने से हड़कंप मच गया, जिसे वन विभाग की टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू कर विश्व प्रसिद्ध घना पक्षी विहार (केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान) में छोड़ दिया है। यह रेस्क्यू ऑपरेशन न केवल वन्यजीव प्रेमियों के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है, बल्कि प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा को लेकर विभाग की मुस्तैदी को भी दर्शाता है।
घटनाक्रम के अनुसार, नदबई रेंजर राजेश शर्मा को अलीपुर गाँव में एक विशालकाय और अनजान पक्षी के होने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने तत्काल खेड़ली मोड़ वन विभाग को सूचित किया। इसके बाद खेड़ली मोड़ वन पाल रेणु वाला के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम में शामिल वन विभाग के अनुभवी कर्मचारी केशव सिंह और शिवराम सिंह तुरंत मौके पर पहुँचे, जहाँ उन्होंने देखा कि एक विशालकाय ग्रे हेरॉन (Grey Heron) घायल या थकी हुई अवस्था में मौजूद था।
टीम ने बेहद सावधानी और कुशलता के साथ पक्षी को रेस्क्यू किया और उसे खेड़ली मोड़ वन नाका पर लेकर आए। विदेशी पक्षी की शारीरिक स्थिति को देखते हुए तत्काल पशु चिकित्सक, पथैना को बुलाया गया। प्राथमिक उपचार और स्वास्थ्य परीक्षण के बाद, जब पक्षी उड़ान भरने और स्वस्थ रहने की स्थिति में पाया गया, तो उसे उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार सुरक्षित रूप से भरतपुर के घना पक्षी विहार में छोड़ दिया गया।
वन पाल रेणु वाला ने इस पक्षी की विशिष्टता बताते हुए जानकारी दी कि 'ग्रे हेरॉन' मुख्य रूप से अफ्रीका, यूरोप और एशिया के विभिन्न हिस्सों में पाया जाने वाला एक प्रवासी पक्षी है। लंबे पैरों और लंबी गर्दन वाला यह पक्षी अपनी अद्भुत शिकार क्षमता और लंबी दूरी की यात्रा के लिए जाना जाता है। इस प्रकार के दुर्लभ पक्षियों का स्थानीय क्षेत्रों में मिलना जैव विविधता की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस सफल रेस्क्यू ने यह संदेश दिया है कि यदि समय पर सूचना मिले और विभाग सक्रिय रहे, तो इन विदेशी मेहमानों के जीवन को सुरक्षित किया जा सकता है।

Mohan Joshi, Bharatpur
नाम: मोहन लाल जोशी
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: भरतपुर (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): तहसील रिपोर्टिंग, क्राइम (अपराध), एग्रीकल्चर फार्मिंग (कृषि), प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं जनसमस्याएं
परिचय एवं अनुभव
मोहन लाल जोशी को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में एक लंबा और विविध अनुभव है। वह वर्तमान में भरतपुर क्षेत्र से विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। उनके करियर का विवरण निम्नलिखित है:
- राजस्थान पत्रिका: इन्होंने 10 वर्षों तक राजस्थान पत्रिका में अपनी सेवाएं दी हैं, जहाँ मुख्य रूप से क्राइम, एग्रीकल्चर फार्मिंग और जन समस्याओं से संबंधित विषयों पर विस्तृत कवरेज की।
- ईटीवी राजस्थान (जयपुर): 14 साल पहले इन्होंने ईटीवी राजस्थान, जयपुर के साथ काम किया।
- शेर-ए-हिंदुस्तान: इस मीडिया संस्थान के साथ भी काम करने का अनुभव।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
मोहन लाल जोशी शैक्षणिक और तकनीकी रूप से पत्रकारिता में उच्च योग्यता रखते हैं:
- स्नातक (Graduation)
- बीजेएमसी (BJMC): बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन
- पीएचडी (Ph.D.): पत्रकारिता (Journalism) में उनकी पीएचडी वर्तमान में जारी है।
