भरतपुर। राजस्थान के भरतपुर में समाज सेवा और सांप्रदायिक सौहार्द का एक अनूठा उदाहरण सामने आया है। किन्नर नीतू मौसी ने पिछले 15 वर्षों से हर साल 10 गरीब बेटियों की शादी का खर्च वहन कर उन्हें जीवन में नई शुरुआत दी है। इस वर्ष भी उन्होंने नौ बेटियों का विवाह कर समाज के लिए मिसाल कायम की। अब तक नीतू मौसी 149 बेटियों को सम्मानजनक विवाह के माध्यम से घर बसाकर समाज में अपने योगदान का अमूल्य परिचय दे चुकी हैं।

नीतू मौसी की यह पहल तब शुरू हुई जब उन्होंने अपने पड़ोस में एक अनाथ लड़की को अपनी बेटी की तरह पाला और उसकी शादी बड़े धूमधाम से करवाई। इस अनुभव ने उन्हें प्रेरित किया कि वे हर साल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शादी का भार उठाएं। आवेदनों की जांच के बाद, वे 30-40 आवेदन में से सबसे जरूरतमंद 10 लड़कियों का चयन करती हैं। चयन प्रक्रिया में परिवार की आर्थिक स्थिति और वास्तविक जरूरत को प्राथमिकता दी जाती है।

विवाह समारोह में नीतू मौसी न केवल शादी का पूरा खर्च वहन करती हैं, बल्कि दुल्हन को 5 तोला सोना, चांदी की बिछिया, फ्रिज, बेड और 51 बर्तन सहित गृहस्थी का पूरा सामान भी प्रदान करती हैं। खास बात यह है कि एक ही मंडप में हिंदू लड़कियों का वैदिक मंत्रों के साथ विवाह और मुस्लिम लड़कियों का निकाह कुरान की आयतों के बीच संपन्न होता है, जो सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे का जीवंत उदाहरण है।

नीतू मौसी, जो 2014 से 2019 तक भरतपुर नगर निगम की पार्षद भी रह चुकी हैं, समाज में बेटियों की शिक्षा और कन्या भ्रूण हत्या रोकने का संदेश देती हैं। उनकी यह पहल न केवल गरीब परिवारों की बेटियों को सम्मानजनक जीवन देती है, बल्कि समाज में प्रेम, एकता और सामाजिक समानता का संदेश भी फैलाती है।

नीतू मौसी की इस मिसाल ने यह साबित कर दिया है कि सामाजिक प्रतिबद्धता और मानवता के मूल्य समाज में वास्तविक बदलाव ला सकते हैं।

Umesh Lawania, Bharatpur

Umesh Lawania, Bharatpur

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