भरतपुर। स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और नागरिक सहभागिता के क्षेत्र में भरतपुर ने एक बार फिर अपनी पहचान मजबूत की है। 50 हजार से 3 लाख की आबादी वाली श्रेणी में भरतपुर नगर निगम ने प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया, जबकि पूरे प्रदेश के 315 नगर निकायों में नगर निगम ने दूसरा स्थान प्राप्त कर उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है।

नगर निगम आयुक्त श्रवण बिश्नोई ने बताया कि यह सफलता नगर निगम की निरंतर सुधारात्मक पहल और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी का परिणाम है। निगम द्वारा घर-घर कचरा संग्रहण को मजबूत किया गया और शहर में पहले मौजूद कचरा प्वाइंटों को चरणबद्ध तरीके से हटाया गया, जिससे शहर का स्वरूप बदला और स्वच्छता व्यवस्था में बड़ी सुधार देखने को मिला।

बिश्नोई ने बताया कि शहरी स्वच्छता मिशन के निदेशक और स्थानीय निकाय विभाग के शासन सचिव के संयुक्त हस्ताक्षरों से जारी स्वच्छता रैंकिंग प्रमाण पत्र नगर निगम को प्रदान किया गया है, जो भरतपुर के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि गीले और सूखे कचरे के वैज्ञानिक सेग्रीगेशन, निस्तारण की उन्नत प्रक्रिया और टीम के सतत प्रयासों ने भरतपुर को राज्य स्तर पर शीर्ष स्थान पर पहुंचाया है।

उन्होंने यह भी बताया कि पिछले स्वच्छता सर्वेक्षण की तरह इस बार भी शहरवासियों ने फीडबैक में सक्रिय भागीदारी निभाई, जिसने भरतपुर की रैंकिंग में निर्णायक भूमिका अदा की। आमजन के सहयोग से ही नगर निगम 300 से अधिक नगर निकायों में द्वितीय तथा अपनी श्रेणी के शहरों में प्रथम स्थान पर पहुंच सका।

आयुक्त ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि स्वच्छता अभियान को और मजबूत करने के लिए घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था का अनिवार्य रूप से उपयोग करें और कचरे को सीधे टिपरों में ही डालें। उन्होंने कहा कि यदि नागरिक इसी तरह सहयोग करते रहे तो भरतपुर देश के स्वच्छतम शहरों में अपना स्थान सुरक्षित कर सकता है।

Pratahkal Bureau

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