बाल श्रम के खिलाफ भरतपुर में एकजुट हुए विभाग, बच्चों ने दिया जागरूकता का संदेश
बाल कल्याण समिति और प्रयत्न संस्था के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में बाल श्रम उन्मूलन और बाल संरक्षण कानूनों पर विस्तार से चर्चा की गई।

भरतपुर के कृषि सभागार में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम के दौरान बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राजाराम भूतौली, श्रम आयुक्त प्रदीप यादव और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उपस्थित बच्चे।
विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर भरतपुर जिले में प्रयत्न संस्था द्वारा कृषि सभागार में प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कवच परियोजना के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर बाल श्रम उन्मूलन एवं बाल संरक्षण को लेकर व्यापक जागरूकता का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता बाल कल्याण समिति भरतपुर के अध्यक्ष राजाराम भूतौली ने की। उन्होंने कहा कि बच्चे किसी भी समाज की नींव होते हैं। जिस प्रकार मजबूत नींव पर निर्मित भवन लंबे समय तक सुरक्षित और स्थिर रहता है, उसी प्रकार यदि बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और संरक्षण प्राप्त हो तो समाज का समग्र विकास संभव है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि कोई भी बच्चा असुरक्षित या असंरक्षित न रहे, यह समाज और प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कृषि विभाग के उपनिदेशक देशराज ने बाल श्रम को समाज के लिए अभिशाप बताते हुए कहा कि यह बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और संरक्षण के अधिकारों का हनन करता है। बाल श्रम बच्चों से उनका बचपन छीन लेता है तथा उनके भीतर हीन भावना को जन्म देता है।
श्रम विभाग के आयुक्त प्रदीप यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को बाल श्रम से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी बच्चे से बाल श्रम करवाने पर 50 हजार रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों से जोखिमपूर्ण कार्य कराना भी बाल श्रम की श्रेणी में आता है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भरतपुर के अधिवक्ता नीरज ने विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986, किशोर न्याय अधिनियम 2015 तथा पॉक्सो अधिनियम 2012 की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने जीजेवी शिशुपालना केंद्र और सीडब्ल्यूपीसी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा कीं।
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत रारह, गाडौली, सलेमपुर खुर्द, गुणसारा और बनेरा से बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों के अध्यक्ष, सदस्य, सरपंच, सचिव तथा अन्य प्रतिनिधियों ने भाग लिया। राजू मंच के बच्चों ने बाल श्रम विरोधी पोस्टर बनाकर और कविताओं के माध्यम से अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं, जिससे उपस्थित लोगों को बाल अधिकारों के प्रति जागरूक होने का संदेश मिला।
बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की अध्यक्ष एवं सरपंच दीवली ने बाल श्रम उन्मूलन की दिशा में प्रयत्न संस्था द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानजनक बचपन उपलब्ध कराने के लिए समाज और प्रशासन मिलकर निरंतर प्रयास करते रहेंगे।

Mohan Joshi, Bharatpur
नाम: मोहन लाल जोशी
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: भरतपुर (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): तहसील रिपोर्टिंग, क्राइम (अपराध), एग्रीकल्चर फार्मिंग (कृषि), प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं जनसमस्याएं
परिचय एवं अनुभव
मोहन लाल जोशी को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में एक लंबा और विविध अनुभव है। वह वर्तमान में भरतपुर क्षेत्र से विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। उनके करियर का विवरण निम्नलिखित है:
- राजस्थान पत्रिका: इन्होंने 10 वर्षों तक राजस्थान पत्रिका में अपनी सेवाएं दी हैं, जहाँ मुख्य रूप से क्राइम, एग्रीकल्चर फार्मिंग और जन समस्याओं से संबंधित विषयों पर विस्तृत कवरेज की।
- ईटीवी राजस्थान (जयपुर): 14 साल पहले इन्होंने ईटीवी राजस्थान, जयपुर के साथ काम किया।
- शेर-ए-हिंदुस्तान: इस मीडिया संस्थान के साथ भी काम करने का अनुभव।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
मोहन लाल जोशी शैक्षणिक और तकनीकी रूप से पत्रकारिता में उच्च योग्यता रखते हैं:
- स्नातक (Graduation)
- बीजेएमसी (BJMC): बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन
- पीएचडी (Ph.D.): पत्रकारिता (Journalism) में उनकी पीएचडी वर्तमान में जारी है।
