भरतपुर बंद टला: नगर निगम और व्यापार महासंघ में लिखित समझौता
नगर निगम आयुक्त और व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल की वार्ता में दुकानदारों के पुनर्वास और मुआवजे की मांगें लिखित रूप में मंजूर होने के बाद आंदोलन वापस लिया गया।

भरतपुर नगर निगम कार्यालय में सोमवार को सड़क चौड़ीकरण मामले में आयोजित वार्ता के दौरान नगर निगम आयुक्त श्रवण विश्नोई (दाएं) से लिखित समझौते पर चर्चा करते जिला व्यापार महासंघ के जिलाध्यक्ष संजीव गुप्ता, विपुल शर्मा, जयप्रकाश बजाज, विष्णु जैन, इंद्रजीत भारद्वाज, मोहन चन्द सिंघल और निरंजन मित्तल।
भरतपुर से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है, जहां पिछले कई दिनों से जारी गतिरोध आखिरकार समाप्त हो गया है। सड़क चौड़ीकरण के कारण प्रभावित होने वाले व्यापारियों के पुनर्वास और मुआवजे की लिखित मांग पूरी होने के बाद भरतपुर जिला व्यापार महासंघ ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए 26 मई को प्रस्तावित 'भरतपुर बंद' के अपने निर्णय को पूरी तरह से वापस ले लिया है। इस समझौते के बाद व्यापारियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
प्रशासन और व्यापारियों के बीच इस बड़े संकट को टालने के लिए सोमवार को नगर निगम आयुक्त श्रवण विश्नोई ने जिला व्यापार महासंघ को आंदोलन के विषय में बातचीत करने के लिए आमंत्रित किया था। इस महत्वपूर्ण वार्ता के लिए पहुंचे व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व महासंघ के जिलाध्यक्ष संजीव गुप्ता ने किया। इस उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल में जिला महामंत्री विपुल शर्मा, जिला कोषाध्यक्ष जयप्रकाश बजाज, संघर्ष समिति के संयोजक विष्णु जैन, नगर निगम के पूर्व नेता प्रतिपक्ष इंद्रजीत भारद्वाज, ऑटोमोबाइल संघ के अध्यक्ष मोहन चन्द सिंघल एवं मंत्री निरंजन मित्तल प्रमुख रूप से शामिल रहे।
जिला महामंत्री विपुल शर्मा ने वार्ता की सफलता की जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन और व्यापारिक प्रतिनिधियों के बीच काफी लंबी और गंभीर चर्चा हुई। इस दौरान सड़क चौड़ीकरण के अंतर्गत दुकानदारों को होने वाले भारी नुकसान, उनके उचित पुनर्वास और मुआवजे को लेकर दोनों पक्षों के बीच आखिरकार आपसी सहमति बन गई। प्रशासन ने व्यापारियों की लगभग सभी जायज मांगों को स्वीकार कर लिया है। आधिकारिक एवं कानूनी प्रक्रिया को पुख्ता करते हुए इन सभी सहमतियों को बकायदा एक लिखित सहमति पत्र के रूप में कागज पर उतारा गया। इस ऐतिहासिक सहमति पत्र पर वहां उपस्थित प्रतिनिधिमंडल के सभी सम्मानित सदस्यों और नगर निगम आयुक्त श्रवण विश्नोई ने अपने हस्ताक्षर किए, जिससे इस समझौते को आधिकारिक मान्यता मिल गई।
व्यापारियों की सभी मांगें लिखित रूप में मान लिए जाने के बाद भरतपुर जिला व्यापार महासंघ ने सर्वसम्मति से 26 मई को होने वाले भरतपुर बंद के आह्वान को वापस लेने की घोषणा की। इस बड़ी सफलता और गतिरोध के शांतिपूर्ण समाधान पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिलाध्यक्ष संजीव गुप्ता ने सभी प्रशासनिक अधिकारियों और विशेष रूप से नगर निगम आयुक्त श्रवण कुमार विश्नोई का सहृदय धन्यवाद प्रेषित किया। इसके साथ ही उन्होंने इस मामले में संवेदनशीलता दिखाने के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का भी आभार व्यक्त किया। इस लिखित समझौते ने न केवल भरतपुर के व्यापारियों के भविष्य को सुरक्षित किया है, बल्कि शहर के विकास और कानून-व्यवस्था के बीच एक बेहतरीन सामंजस्य भी स्थापित किया है।

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