भरतपुर जिले में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर शनिवार को वैर विधानसभा मुख्यालय सहित ग्रामीण अंचल के सरकारी, अर्ध सरकारी और निजी विद्यालयों में एक साथ वंदे मातरम् का गायन किया गया। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रमों में विद्यालयों के छात्र-छात्राओं और कार्मिकों ने राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन किया। जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक भरतपुर सुरेन्द्र गोपालिया ने जिले के विद्यालयों से कार्यक्रम को लेकर फीडबैक लिया।

भुसावर मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में भी बंकिमचंद चट्टोपाध्याय की ओर से रचित राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक भरतपुर सुरेन्द्र गोपालिया ने बताया कि भरतपुर जिले के समस्त सरकारी, अर्ध सरकारी और निजी विद्यालयों में वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर राष्ट्रगीत का आयोजन हुआ। इस दौरान विद्यालयों के स्टाफ ने बंकिमचंद चट्टोपाध्याय की ओर से रचित वंदे मातरम् के महत्व पर प्रकाश डाला।

सुरेन्द्र गोपालिया ने बताया कि 26 सितम्बर को ब्लॉक स्तर पर चित्रकला और निबंध प्रतियोगिताओं का आयोजन हो रहा है। ब्लॉक स्तर पर सर्वश्रेष्ठ आने वाले तीन प्रतियोगियों को जिला स्तर पर 28 सितम्बर को आयोजित होने वाली चित्रकला और निबंध प्रतियोगिता में शामिल किया जाएगा तथा सर्वश्रेष्ठ आने वाले को सम्मानित किया जाएगा।

इसी क्रम में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान नई दिल्ली के तत्वावधान में माध्यमिक आदर्श विद्या मंदिर, भुसावर में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का एक स्वर और एक समय पर गायन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. सीमा मनोचा, प्राध्यापक बी. एड. कॉलेज, श्री आर्य महिला विद्यापीठ, भुसावर रहीं।

डॉ. सीमा मनोचा ने अपने वक्तव्य में कहा, “वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं है, यह भारत माता की वंदना है। आज इस गीत को सुनकर वे स्वतंत्रता सेनानी, शहीद जो आज हमारे मध्य नहीं हैं, उनकी आत्मा को असीम शांति प्राप्त हुई है। यह गीत चेतना है, जागृति है, देशभक्ति का भाव है। इसे हमेशा आगे बढ़ाना और इसके सम्मान की सदैव रक्षा करनी है, ऐसा संकल्प हमें लेना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् हमारी धरोहर है। इसके शब्द कानों में पड़ते ही रंगों का खून मचलने लगता है और देश के लिए कुछ कर गुजरने की चाह से मन में उल्लास भर जाता है। यह भारत की आजादी का गीत है।

कार्यक्रम में माध्यमिक आदर्श विद्या मंदिर के संरक्षक शेर सिंह सैनी, व्यवस्थापक रवि कुमार सिंघल, कोषाध्यक्ष सुशील कुमार भारद्वाज, आदर्श विद्या मंदिर समिति भरतपुर के जिला संस्कार केंद्र एवं शिशु वाटिका प्रमुख चैतन्य प्रकाश अग्रवाल, संघ के स्वयंसेवक गोपाल सिंह, राकेश गुप्ता, अशोक गुप्ता, नीरज शर्मा, बंसीलाल शर्मा (प्रभारी प्राथमिक विभाग), राघव सिंह, नवजीत सिंह, प्रवोद कुमार सोनी, बनवारी लाल गुप्ता, स्वाति गर्ग, पूनम शर्मा, कुसुम लता शर्मा, रामनिवास शर्मा, खुशीराम शर्मा, राजेश कुमार, प्रदीप सिंह, हेमन्त मित्तल, कपिल पण्डित, लेखराज कटारिया, मनीष मित्तल, मनीष गुप्ता व विद्या मंदिर के समस्त आचार्य तथा भारत विकास परिषद के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

इस अवसर पर भुसावर उपखंड के 22 संस्थानों में 8400 छात्र-छात्राओं एवं कार्मिकों ने प्रातः 11:00 बजे एक स्वर में वंदे मातरम् गीत का गायन किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य योगेश भारद्वाज ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस तरह वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर भरतपुर जिले के विद्यालयों में सामूहिक गायन के साथ राष्ट्रगीत के महत्व और सम्मान को केंद्र में रखते हुए विभिन्न आयोजन किए गए।

Mohan Joshi, Bharatpur

Mohan Joshi, Bharatpur

नाम: मोहन लाल जोशी

वर्तमान पद: रिपोर्टर

कार्यक्षेत्र: भरतपुर (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): तहसील रिपोर्टिंग, क्राइम (अपराध), एग्रीकल्चर फार्मिंग (कृषि), प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं जनसमस्याएं

परिचय एवं अनुभव 

मोहन लाल जोशी को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में एक लंबा और विविध अनुभव है। वह वर्तमान में भरतपुर क्षेत्र से विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। उनके करियर का विवरण निम्नलिखित है:

  • राजस्थान पत्रिका: इन्होंने 10 वर्षों तक राजस्थान पत्रिका में अपनी सेवाएं दी हैं, जहाँ मुख्य रूप से क्राइम, एग्रीकल्चर फार्मिंग और जन समस्याओं से संबंधित विषयों पर विस्तृत कवरेज की।
  • ईटीवी राजस्थान (जयपुर): 14 साल पहले इन्होंने ईटीवी राजस्थान, जयपुर के साथ काम किया।
  • शेर-ए-हिंदुस्तान: इस मीडिया संस्थान के साथ भी काम करने का अनुभव।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

मोहन लाल जोशी शैक्षणिक और तकनीकी रूप से पत्रकारिता में उच्च योग्यता रखते हैं:

  • स्नातक (Graduation)
  • बीजेएमसी (BJMC): बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन
  • पीएचडी (Ph.D.): पत्रकारिता (Journalism) में उनकी पीएचडी वर्तमान में जारी है।

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