बिना मुआवजे सड़क चौड़ीकरण के विरोध में भरतपुर के व्यापारियों का आंदोलन अब निर्णायक चरण में पहुंचता दिखाई दे रहा है। भरतपुर जिला व्यापार महासंघ के नेतृत्व में रविवार को लक्ष्मण मन्दिर चौक पर सरकार और प्रशासन की “सद्बुद्धि” के लिए सद्बुद्धि यज्ञ आयोजित किया गया। आंदोलनकारी व्यापारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सहमति नहीं बनी तो 17 मई को सांकेतिक अनशन किया जाएगा और इसके बाद 26 मई को भरतपुर बंद का आह्वान भी किया जा सकता है।

यज्ञ में महासंघ के जिलाध्यक्ष संजीव गुप्ता और जिला महामंत्री विपुल शर्मा जिजमान के रूप में उपस्थित रहे। प्रभावित क्षेत्रों के व्यापारियों ने यज्ञ में आहुतियां देकर प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। कार्यक्रम में कांग्रेसी नेताओं सहित बड़ी संख्या में व्यापारी और संघर्ष समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रमुख रूप से साहब सिंह, योगेश सिंघल, भगवान कटारा, संघर्ष समिति संयोजक विष्णु जैन, जिला कोषाध्यक्ष जयप्रकाश बजाज, पूर्व नेता प्रतिपक्ष नगर निगम इंद्रजीत भारद्वाज, सह महामंत्री अंजुम सिंघल, प्रवक्ता प्रदीप शर्मा, मंत्री मनीष मेहरा, विनोद चौटाला, गिरिश सर्राफ और राजेंद्र अग्रवाल सहित विभिन्न बाजारों एवं प्रभावित क्षेत्रों के व्यापारी शामिल हुए।

यज्ञ में कच्चा परकोटा, जगराम धाकड़, दारापुरिया, बीनारायण गेट से सिरकी वाले हनुमान मंदिर क्षेत्र, मानसिंह सर्किल, पक्का बाग, सेवर रोड, हीरादास, कुम्हेर गेट, रेडक्रॉस सर्किल से रेलवे स्टेशन मार्ग, शीशम तिराहा से हीरादास, गोलबाग रोड, लक्ष्मण मन्दिर और गंगा मन्दिर सहित अनेक क्षेत्रों के व्यापारियों ने भाग लिया। आंदोलन स्थल पर काले झंडे, काले बैनर, मांगों की तख्तियां और विरोध स्वरूप पोस्टर लगाए गए थे। व्यापारियों में सरकार और प्रशासन की नीतियों को लेकर भारी रोष दिखाई दिया।

महासंघ के जिलाध्यक्ष संजीव गुप्ता ने कहा कि सरकार व्यापारियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा कि व्यापारी अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं, किसी से भीख नहीं मांग रहे। जिन व्यापारियों के पास उनकी भूमि और दुकानों के वैध दस्तावेज हैं, उन्हें उचित मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले से रोजगार की स्थिति खराब है और अब वर्षों की मेहनत से खड़ी की गई दुकानों को बिना मुआवजे के तोड़ना अन्यायपूर्ण है।

संजीव गुप्ता ने प्रशासन और भाजपा के तथाकथित नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द व्यापारियों के साथ बैठकर उनकी मांगों पर सहमति नहीं बनाई गई तो 17 मई को सांकेतिक अनशन किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर 26 मई को भरतपुर बंद किया जाएगा।

जिला महामंत्री विपुल शर्मा ने कहा कि माननीय न्यायालय के स्पष्ट आदेश हैं कि बिना मुआवजे भूमि अधिग्रहण नहीं किया जा सकता, इसके बावजूद प्रशासन मुआवजा देने में आनाकानी कर रहा है। उन्होंने कहा कि व्यापारी भी भरतपुर का विकास चाहते हैं, लेकिन अपने विनाश की कीमत पर नहीं। यदि सरकार और प्रशासन ने व्यापारियों की मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन को बड़े स्तर तक ले जाया जाएगा और महासंघ अपने व्यापारी बंधुओं के हक की लड़ाई जारी रखेगा।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष नगर निगम इंद्रजीत भारद्वाज ने कहा कि प्रशासन स्वयं अपने द्वारा समय-समय पर जारी किए गए दस्तावेजों को ही नहीं मान रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण के लिए आवश्यक वास्तविक सीमा का निर्धारण राजस्व रिकॉर्ड, जारी पट्टों और निर्माण मंजूरियों का सही अवलोकन और विवेचना किए बिना किया जा रहा है, जिससे विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई है।

संघर्ष समिति संयोजक विष्णु जैन ने कहा कि वर्तमान में आंदोलन चरणबद्ध और शांतिपूर्ण तरीके से चलाया जा रहा है, लेकिन यदि सरकार और प्रशासन ने जल्द व्यापारियों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पुतला दहन, जिला बंद सहित अन्य आंदोलनात्मक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा सकते हैं।

जिला कोषाध्यक्ष जयप्रकाश बजाज ने कहा कि मुख्यमंत्री का अगले सप्ताह भरतपुर दौरा प्रस्तावित है। जिस क्षेत्र में मुख्यमंत्री जाएंगे, वहां महासंघ की इकाई की ओर से उन्हें ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का गृह जिला होने के कारण वह यहां के चप्पे-चप्पे और व्यापारियों की स्थिति से भली-भांति परिचित हैं। भरतपुर में छोटे और मंझोले व्यापारी बड़ी संख्या में हैं और उन्हें उनके हक का मुआवजा मिलना ही चाहिए।

व्यापार महासंघ के इस आंदोलन ने सड़क चौड़ीकरण और मुआवजे के मुद्दे को लेकर भरतपुर में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की चिंता बढ़ा दी है। अब निगाहें प्रशासन और सरकार की अगली रणनीति पर टिकी हैं, क्योंकि व्यापारियों ने साफ कर दिया है कि बिना मुआवजे सड़क चौड़ीकरण किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

Pratahkal Bureau

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