सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित व्यापारियों की दुकानों और भूमि के अधिग्रहण के विरोध में भरतपुर जिला व्यापार महासंघ द्वारा गठित संघर्ष समिति का चरणबद्ध आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। व्यापारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना उचित मुआवजा दिए किसी भी प्रकार का सड़क चौड़ीकरण कार्य स्वीकार नहीं किया जाएगा। व्यापारियों की मांग है कि पहले प्रभावित दुकानदारों और व्यापारियों को उचित मुआवजा दिया जाए, उसके बाद ही सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई की जाए।

भरतपुर में आयोजित बैठक की अध्यक्षता भरतपुर जिला व्यापार महासंघ के जिलाध्यक्ष संजीव गुप्ता ने की। बैठक में बड़ी संख्या में प्रभावित व्यापारियों ने भाग लेकर अपने विचार रखे और आंदोलन को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया। व्यापारियों ने एक स्वर में कहा कि “पहले मुआवजा दो, फिर सड़क चौड़ीकरण करो।”

महासंघ द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन के प्रथम चरण में 6 मई को प्रभावित बाजार क्षेत्रों में व्यापारियों ने काले झंडे लगाकर विरोध दर्ज कराया था। अब आंदोलन के दूसरे चरण में 10 मई को सुबह 10 बजे लक्ष्मण मंदिर चौक पर प्रशासन और शासन को सद्बुद्धि प्रदान करने के उद्देश्य से “सद्बुद्धि यज्ञ” आयोजित किया जाएगा। इस दौरान चारों ओर काले झंडे लगाए जाएंगे और विरोध स्वरूप काले बैनर भी लगाए जाएंगे। संघर्ष समिति ने सभी व्यापारियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया है।

जिलाध्यक्ष संजीव गुप्ता ने कहा कि प्रशासन लगातार व्यापारियों की भावनाओं की अनदेखी कर रहा है, जिसे अब व्यापारी समाज किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यापारियों की वर्षों पुरानी मेहनत और रोजगार को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका लोकतांत्रिक तरीके से पुरजोर विरोध किया जाएगा।

महामंत्री विपुल शर्मा ने कहा कि व्यापारियों की मांग पूरी तरह न्यायसंगत है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने समय रहते व्यापारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की एकता ही इस संघर्ष की सबसे बड़ी ताकत है।

कार्यकारी अध्यक्ष नरेंद्र गोयल ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यापारी का नहीं बल्कि पूरे व्यापारिक समाज के अस्तित्व का प्रश्न है। उन्होंने प्रशासन से व्यापारी हितों की रक्षा करते हुए संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेने की मांग की।

संघर्ष समिति संयोजक विष्णु जैन ने कहा कि संघर्ष समिति चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाएगी और आवश्यकता पड़ने पर इसे बड़े जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा। उन्होंने सभी व्यापारियों से संगठित रहने का आह्वान किया।

कोषाध्यक्ष जयप्रकाश बजाज ने कहा कि व्यापारी समाज शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात प्रशासन तक पहुंचा रहा है, लेकिन यदि उनकी मांगों की लगातार अनदेखी हुई तो आंदोलन को और उग्र रूप देने के लिए व्यापारी मजबूर होंगे।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि प्रशासन ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आगामी 17 मई को सांकेतिक अनशन किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन के खिलाफ पुतला दहन भी किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त 26 मई को भरतपुर बंद का आह्वान भी किया जा सकता है। संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से लगातार आगे बढ़ाया जाएगा।

बैठक में लक्ष्मण मंदिर प्रांगण में स्थित दुकानों को मॉल की श्रेणी से बाहर कर यूडी टैक्स से मुक्ति दिलाने की मांग भी उठाई गई।

बैठक में राजेंद्र गोयल, अमित कुमार, राहुल अग्रवाल, गौरव बंसल, शरद गोयल, नेशनल साड़ी, चन्दन करोला, गिरिश सर्राफ, राकेश सर्राफ, अतुल गोयल, मदनमोहन, संजीव, संजय विष्णु कुमार, महेश, प्रेम चन्द गोयल, नीरज कुमार, सिंघल क्लॉथ, वस्त्र मंदिर सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे।

सड़क चौड़ीकरण को लेकर भरतपुर में शुरू हुआ यह विरोध अब व्यापक व्यापारी आंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है। संघर्ष समिति की आगामी रणनीतियों ने प्रशासन और व्यापारियों के बीच टकराव की स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story