भरतपुर 2 अप्रैल। सुभाष नगर स्थित नेकी दरबार वाली गली में आयोजित संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह का गुरुवार को हनुमान जयंती के पावन अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ भव्य समापन हुआ। इस अवसर पर विधि-विधान से यज्ञ-हवन कर पूर्ण आहुति दी गई तथा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण कर धर्मलाभ अर्जित किया।

भक्तिमय वातावरण में यज्ञ-हवन और पूर्णाहुति

कथा सप्ताह के अंतिम दिन प्रातःकाल से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ कथा पांडाल में उमड़ने लगी। वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय हो गया, जब वेद मंत्रों के उच्चारण के बीच यज्ञ-हवन प्रारंभ हुआ। आचार्य सुशील पंडित के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने आहुति अर्पित कर अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। पूर्णाहुति के समय पूरा पांडाल "जय श्रीराम" और "जय बजरंगबली" के जयकारों से गूंज उठा।

व्यासपीठ से भागवताचार्य का दिव्य संदेश

कथा के समापन अवसर पर व्यासपीठ से भागवताचार्य मनोज पंडित ने श्रीमद्भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि "कथा श्रवण मात्र से ही मनुष्य के जीवन के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।" उन्होंने हनुमान जयंती के महत्व को बताते हुए कहा कि "भगवान हनुमान भक्ति, शक्ति और सेवा के प्रतीक हैं। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर प्रत्येक व्यक्ति को निस्वार्थ भाव से समाज सेवा करनी चाहिए।" उन्होंने आगे कहा कि "श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने का माध्यम है। कथा के माध्यम से व्यक्ति को सत्य, धर्म और करुणा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। हनुमान जयंती पर पूर्णाहुति का विशेष महत्व होता है, क्योंकि यह दिन भक्ति और समर्पण का प्रतीक माना जाता है।"

विशाल भंडारे में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

समापन के उपरांत आयोजित विशाल भंडारे में क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। भंडारे की व्यवस्था अत्यंत सुव्यवस्थित रही, जिसमें सभी श्रद्धालुओं को ससम्मान बैठाकर प्रसादी वितरित की गई। आयोजन समिति के सदस्यों और सेवादारों ने पूरे मनोयोग से सेवा कार्य में योगदान दिया, जिससे हर आने वाला भक्त संतुष्ट नजर आया।

सामाजिक एकता और सहयोग का संगम

इस अवसर पर आयोजकों ने बताया कि कथा सप्ताह का आयोजन समाज में धार्मिक जागरूकता और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया था, जिसमें क्षेत्रवासियों का भरपूर सहयोग मिला। कथा के दौरान प्रतिदिन श्रद्धालुओं की उपस्थिति लगातार बढ़ती रही, जो इस आयोजन की सफलता का प्रमाण है। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों और सेवादारों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इसी प्रकार के धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। हनुमान जयंती पर हुए इस भव्य समापन ने सभी के मन में भक्ति और आस्था की अमिट छाप छोड़ दी।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story