भरतपुर: संजय बिहारी हत्याकांड के दूसरे दोषी की भी जेल में मौत, पत्नी ने लगाए 'इलाज न मिलने' के गंभीर आरोप
भरतपुर की सेवर सेंट्रल जेल में संजय बिहारी हत्याकांड के मुख्य दोषी और हिस्ट्रीशीटर कृष्ण कुमार उर्फ बेबी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतक की पत्नी ने जेल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही और समय पर इलाज न देने का आरोप लगाया है। हैरान करने वाली बात यह है कि इसी केस के एक अन्य दोषी की भी दो महीने पहले जेल में मौत हुई थी। प्रशासन ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं।

भरतपुर की सुरक्षित मानी जाने वाली सेवर सेंट्रल जेल की ऊंची दीवारें एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं। बहुचर्चित संजय बिहारी हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कुख्यात हिस्ट्रीशीटर कृष्ण कुमार उर्फ बेबी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। शनिवार की सुबह आई इस खबर ने जिले में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि यह महज एक सामान्य मौत का मामला नहीं है, बल्कि दो महीने के भीतर इसी हत्याकांड से जुड़े दूसरे दोषी की जेल में यह दूसरी मौत है। मृतक की पत्नी ने जेल प्रशासन पर घोर लापरवाही बरतने और जानबूझकर इलाज न मुहैया कराने का सनसनीखेज आरोप लगाया है, जिससे प्रशासनिक गलियारों में खलबली मच गई है।
घटनाक्रम के अनुसार, कृष्ण कुमार उर्फ बेबी को सांस लेने में तकलीफ होने के बाद शनिवार तड़के आरबीएम अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। लेकिन कहानी का दूसरा पहलू मृतक की पत्नी कृतिका सिंह ने बयां किया है, जो बेहद चौंकाने वाला है। कृतिका ने रोते हुए बताया कि उनकी बेटी के पास कृष्ण कुमार का फोन आया था, जिसमें उन्होंने अपनी बिगड़ती हालत का जिक्र किया था। उन्होंने बताया था कि उनका शुगर लेवल 400 के पार पहुंच चुका है और उन्हें अस्थमा व ब्लड प्रेशर की भी गंभीर शिकायत है, बावजूद इसके जेल के अंदर उन्हें न तो सही दवाएं दी जा रही थीं और न ही अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा था। परिजनों का सीधा आरोप है कि जेल प्रशासन की इसी अनदेखी के कारण कृष्ण कुमार ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। पत्नी ने यह भी दावा किया कि जेल गार्ड्स झूठ बोल रहे हैं कि उन्हें जिंदा अस्पताल लाया गया था, जबकि डॉक्टरों के मुताबिक अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी सांसे थम चुकी थीं।
इस घटना की पृष्ठभूमि बेहद खौफनाक है। कृष्ण कुमार उर्फ बेबी एक आदतन अपराधी और हिस्ट्रीशीटर था, जिसे तीन माह पूर्व ही अदालत ने संजय बिहारी की हत्या का दोषी करार दिया था। 28 जनवरी 2023 को गोपालगढ़ स्थित अपने घर बुलाकर संजय बिहारी की गोली मारकर हत्या करने के जुर्म में कृष्ण कुमार, नरेश गुप्ता और बिट्टू को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। रोंगटे खड़े करने वाली बात यह है कि इस तिहरे हत्याकांड के एक अन्य दोषी नरेश गुप्ता की भी ठीक दो महीने पहले इसी जेल में मौत हो चुकी है। एक ही केस के दो मुख्य दोषियों की एक के बाद एक जेल में मौत होना महज संयोग है या कोई बड़ी साजिश, यह अब जांच का विषय बन गया है।
सेवर केंद्रीय कारागार के अधीक्षक परमजीत सिंह ने इन आरोपों के बीच अपना पक्ष रखते हुए कहा कि शनिवार अलसुबह करीब तीन बजे कैदी की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। सांस लेने में तकलीफ बढ़ने पर उसे तत्काल आरबीएम जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया मौत का कारण बीमारी प्रतीत हो रहा है, लेकिन मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया है। जेल प्रशासन का कहना है कि नियमानुसार पूरे मामले की न्यायिक जांच कराई जाएगी, जिसके बाद ही मौत की असल वजह साफ हो पाएगी। फिलहाल, शव को परिजनों को सौंप दिया गया है, लेकिन इस घटना ने जेल की चिकित्सा व्यवस्था और कैदियों की सुरक्षा पर एक गहरा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
