भरतपुर। RGHS योजना में गंभीर अनियमितताओं और घोटालों के आरोपों के बाद जिला पुलिस अधीक्षक दिगंत आनन्द ने सात पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। आरोप है कि इन पुलिसकर्मियों ने फर्जी दवाओं के वितरण, अनावश्यक बिल उठाने और योजना के दुरुपयोग के माध्यम से योजना का लाभ गलत तरीके से प्राप्त किया।

सस्पेंड किए गए पुलिसकर्मियों की प्रारंभिक जांच एडिशनल एसपी स्तर के अधिकारियों द्वारा की जा रही है। पुलिसकर्मियों की ओर से भी आईजी से मुलाकात कर अपना पक्ष रखने की बात कही गई है।

जिला पुलिस अधीक्षक दिगंत आनन्द ने बताया कि राजस्थान सरकार के गृह विभाग से सूचना प्राप्त हुई थी कि RGHS योजना में कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा घोटाले की घटना सामने आई है। इस सूचना के आधार पर राजस्थान सरकार के निर्देशों की पालना करते हुए सात पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।

सस्पेंड किए गए कर्मियों में चार महिला और तीन पुरुष पुलिसकर्मी शामिल हैं। इनमें अंजू कुमारी, सत्यवती, प्रहलाद, जितेन्द्र सिंह, मिथलेश, योगेश कुमारी और मनोज कुमार शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि इनके विरुद्ध प्राथमिक जांच जल्द पूरी कर सजा का निर्धारण किया जाएगा।

यह मामला RGHS योजना की पारदर्शिता और सरकारी प्रक्रियाओं की सुरक्षा के लिए अहम कदम के रूप में देखा जा रहा है। जिले में इस कार्रवाई ने अधिकारियों और आम नागरिकों में योजना के दुरुपयोग को रोकने की दिशा में स्पष्ट संदेश दिया है।

Pratahkal Bureau

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