भरतपुर। लोहागढ़ की ऐतिहासिक धरा पर शनिवार को महिला सशक्तिकरण और प्रशासनिक प्रतिबद्धता का एक अनूठा संगम देखने को मिला। जिला परियोजना प्रबंधन इकाई (राजीविका) द्वारा आयोजित 'राज सखी भरतपुर मेला 2026' के अंतर्गत विश्वप्रिय शास्त्री पार्क में 'सखी संवाद- प्रशासन के साथ' कार्यक्रम का भव्य आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम ने न केवल प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को पाटने का कार्य किया, बल्कि महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में एक सशक्त अध्याय भी जोड़ा। कार्यक्रम का वातावरण उस समय प्रेरणादायी हो गया जब प्रदेश की शीर्ष महिला प्रशासनिक अधिकारियों ने अपने अनुभवों के माध्यम से उपस्थित मातृशक्ति में नए आत्मविश्वास का संचार किया।

कार्यक्रम का आगाज एक बेहद आत्मीय संवाद सत्र से हुआ, जिसका संचालन डॉ. पूनम चौधरी और अमूल्य पाराशर ने किया। इस सत्र में संभागीय आयुक्त नलिनी कठोतिया, आयकर विभाग जयपुर की संयुक्त निदेशक (आईआरएस) फराह हुसैन, श्रम विभाग आयुक्त (आईएएस) पूजा पार्थ और भरतपुर उपखंड अधिकारी भारती गुप्ता ने एक मंच पर आकर अपने जीवन के अनछुए पहलुओं को साझा किया। इन अधिकारियों ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा से लेकर पारिवारिक जिम्मेदारियों के निर्वहन और प्रशासनिक सेवा की कठिन चुनौतियों तक के सफर का जब सजीव चित्रण किया, तो वहां मौजूद हर महिला को उनमें अपनी ही छवि नजर आई। यह संवाद केवल औपचारिक चर्चा नहीं थी, बल्कि संघर्ष और सफलता के बीच के उस फासले को तय करने की कहानी थी, जो हर महिला के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी।

संभागीय आयुक्त नलिनी कठोतिया ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में भरतपुर की प्राकृतिक सुषमा और सांस्कृतिक विरासत को नमन करते हुए प्रशासन की मानवीय भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में प्रशासन का सर्वोपरि उद्देश्य सरकार और आमजन के बीच एक ऐसा सकारात्मक सेतु बनाना है, जिससे कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ निर्बाध रूप से पहुँच सके। उन्होंने प्रशासनिक कार्यप्रणाली में नवाचार और मानवीय संवेदनाओं को अनिवार्य बताते हुए एक मार्मिक संस्मरण भी साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे एक दिव्यांग को कियोस्क केंद्र आवंटित करने के बाद उसकी आँखों में आए आभार के आंसुओं ने उन्हें प्रशासन की असली ताकत का अहसास कराया। उन्होंने 'विकसित भारत 2047' के विजन को साकार करने के लिए महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को राष्ट्र की प्रगति की धुरी बताया।

इसी कड़ी में श्रम विभाग आयुक्त आईएएस पूजा पार्थ ने जालौर में जिला कलक्टर के रूप में अपने कार्यकाल के अनुभवों को पटल पर रखा। उन्होंने जोर देकर कहा कि सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ महिलाएं किसी भी चुनौती को अवसर में बदल सकती हैं। उन्होंने राजीविका से जुड़ी बहनों द्वारा बैंक ऋण सहायता के माध्यम से लिखी जा रही आत्मनिर्भरता की कहानियों की सराहना की। वैधानिक और आधिकारिक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि 50 से अधिक महिला कर्मियों वाले संस्थानों में शिशु देखभाल केंद्र (क्रेच) की स्थापना अनिवार्य की गई है, जिससे कामकाजी माता-पिता को बड़ी राहत मिली है। साथ ही, उन्होंने श्रमिक डेटा के प्रबंधन के लिए विकसित नई मोबाइल ऐप और एनआईसी के साथ किए गए एमओयू की जानकारी देकर तकनीकी प्रगति से भी अवगत कराया।

कार्यक्रम में वैचारिक गहराई जोड़ते हुए संयुक्त निदेशक (आयकर) आईआरएस फराह हुसैन ने शिक्षा को समाज में बदलाव का सबसे बड़ा हथियार बताया। उन्होंने महिलाओं द्वारा घर और दफ्तर की दोहरी जिम्मेदारी निभाने के कौशल की प्रशंसा करते हुए उन्हें अपने वैधानिक अधिकारों, पद और वेतन के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। वहीं, उपखंड अधिकारी भारती गुप्ता ने जमीनी स्तर पर अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की महत्ता को समझाया।

समारोह के दौरान साहित्य और तकनीक का भी सुंदर समन्वय देखने को मिला। संभागीय आयुक्त नलिनी कठोतिया ने डॉ. पूनम चौधरी के काव्य संग्रह 'खामोश लिफाफों का मौसम' का विमोचन किया, जो कार्यक्रम में साहित्यिक गरिमा लेकर आया। डिजिटल क्रांति की दिशा में कदम बढ़ाते हुए 60 से अधिक 'लखपति दीदियों' को टैबलेट वितरित किए गए, ताकि वे तकनीक के साथ कदमताल कर सकें। अतिथियों ने मध्यप्रदेश सहित भरतपुर, दौसा, अलवर, बाड़मेर, बूंदी और अन्य जिलों से आई स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और उनके हुनर की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए उत्पादों की खरीदारी भी की। अंत में, जिला राजीविका प्रबंधक भारती भारद्वाज ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत अतिथियों को पौधे भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। मुख्य कार्यकारी अधिकारी मृदुल सिंह सहित अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ यह कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुआ।

Umesh Lawania, Bharatpur

Umesh Lawania, Bharatpur

उमेश लावणिया भरतपुर से हमारे प्रतिष्ठित संवाददाता हैं। स्थानीय और राष्ट्रीय समाचारों के सटीक और समयनिष्ठ कवरेज के लिए उन्हें जाना जाता है। प्रात:काल न्यूज़ के पाठकों तक वे हमेशा सत्यनिष्ठ और प्रभावशाली खबरें पहुँचाते हैं। उनके लेख और रिपोर्टिंग में गहराई, स्पष्टता और भरोसेमंद जानकारी का समावेश रहता है, जो उन्हें हमारे न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म का एक अहम स्तंभ बनाता है।

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