भरतपुर में विद्यार्थियों को सिखाया गया सीवरेज प्रबंधन और सफाई का महत्व
आरयूआईडीपी की कैप इकाई ने बृज विकास सेकेंडरी स्कूल के छात्रों को सीवर लाइनों के सही उपयोग, रखरखाव और नागरिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए संवाद किया।

भरतपुर के रुधिया नगर स्थित बृज विकास सेकेंडरी स्कूल में विद्यार्थियों को सीवरेज परियोजना के लाभों और रखरखाव के प्रति जागरूक करते आरयूआईडीपी के सोशल एक्सपर्ट मनीष कटारा।
राजस्थान शहरी आधारभूत ढांचा विकास परियोजना (RUIDP) की सामुदायिक जागरूकता एवं जन सहभागिता इकाई (कैप) द्वारा भरतपुर शहर में सीवरेज प्रणाली के सुदृढ़ीकरण और इसके सही उपयोग हेतु एक प्रभावी विद्यार्थी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अधिशाषी अभियंता राजुल कुमार के कुशल मार्गदर्शन में रुधिया नगर स्थित बृज विकास सेकेंडरी स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्र-छात्राओं को सीवरेज परियोजना के लाभों, रखरखाव और नागरिकों के नैतिक दायित्वों के प्रति संवेदनशील बनाया गया।
संवाद कार्यक्रम के दौरान सोशल एक्सपर्ट मनीष कटारा ने विद्यार्थियों के विशाल समूह को संबोधित करते हुए 'सीवर लाइन हो कचरा मुक्त, है सबकी जिम्मेदारी' का प्रेरक नारा दिया। उन्होंने आरयूआईडीपी द्वारा शहर में संचालित सीवरेज प्रोजेक्ट की बारीकियों को समझाते हुए विस्तार से बताया कि सीवरेज का सही प्रबंधन सीधे तौर पर नागरिक स्वास्थ्य से जुड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नालियों में बहने वाली गंदगी और दूषित जल ही संक्रमण व गंभीर बीमारियों का मूल कारण है, जिसे केवल वैज्ञानिक सीवरेज प्रबंधन के जरिए ही रोका जा सकता है। कटारा ने जोर दिया कि इस प्रणाली की सफलता सामूहिक प्रयासों पर टिकी है; जब हर नागरिक जागरूक होकर इसके रखरखाव में सावधानी बरतेगा, तभी पूरे समाज को इसका लाभ मिल सकेगा।
नागरिक कर्तव्यों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने सुझाव दिया कि रसोई और बाथरूम के निकास पाइपों पर जाली लगानी चाहिए ताकि ठोस कचरा सीवर लाइन में न फंसे। उन्होंने कचरे के निस्तारण हेतु डस्टबिन के प्रयोग और कचरा संग्रहण वाहनों के उपयोग पर बल दिया। विशेष रूप से कॉलोनियों में पशुपालन कर रहे लोगों से यह अपील की गई कि वे गोबर को किसी भी स्थिति में सीवर लाइन में न जाने दें, क्योंकि यह लाइन अवरुद्ध होने का सबसे बड़ा कारण बनता है। इसी क्रम में ए.एस.डी. सुरेंद्रपाल ने परियोजना के तकनीकी लाभ साझा करते हुए बताया कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) द्वारा दूषित जल के सुरक्षित निस्तारण के पश्चात उपचारित जल का उपयोग कृषि, बागवानी और सिंचाई कार्यों में किया जा सकता है। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित विद्यार्थियों को जागरूकता संबंधी पंपलेट्स वितरित किए गए। पूरे कार्यक्रम का संचालन प्रधानाध्यापक सुरेंद्र सिनसिनवार और नत्थीलाल पाठक ने किया, जिन्होंने इस पहल को अत्यंत ज्ञानवर्धक बताते हुए आरयूआईडीपी टीम का धन्यवाद ज्ञापित किया।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
